नयी दिल्ली, 09 जुलाई (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जन सुनवाई उनके लिए मात्र एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता से सीधे संवाद का माध्यम है और उनकी सरकार ‘सुनवाई नहीं, समाधान’ के सिद्धांत पर काम कर रही है।
श्रीमती गुप्ता बुधवार को पहली बार ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में दिल्ली के लोगों से मिलीं और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि आज लोगों की आंखों में उम्मीद की चमक और दिल में विश्वास देखा कि सरकार उनकी बात सुन- समझ रही है और समाधान निकालने की प्रक्रिया में जुटी है।
उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना उनके जीवन का संकल्प है। जन सुनवाई उनके लिए मात्र एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता से सीधे संवाद का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जन सुनवाई के दौरान उन्होंने आजलोगों की आंखों में उम्मीद की चमक और दिल में विश्वास देखाकि सरकार उनकी बात सुन-समझ रही है और समाधान निकालने की प्रक्रिया में जुटी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ‘सुनवाई नहीं, समाधान’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। सुनवाई में लोगों ने विभिन्न मुद्दों को उठाया। उन्होंने हर मुद्दे को सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तय सीमा के भीतर उनका समाधान करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली को केवल एक राजधानी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, सशक्त और न्यायपूर्ण शहर बनाना चाहती है। इसके लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। जनता से सीधे मिलकर उनकी पीड़ा को जानना, उनकी परेशानियों को समझना और उसी के अनुरूप नीतियां बनाना ही लोकतंत्र की असली ताकत है। जन सुनवाई इस बात का प्रमाण है कि लोग लोकतंत्र में आस्था रखते हैं और सरकार से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद करते हैं। हमने सुनने की संस्कृति को पुनः स्थापित किया है। जब सरकार और जनता एक-दूसरे की बात समझें, तो कोई भी समस्या असंभव नहीं रह जाती। हमारे प्रयासों का उद्देश्य केवल समस्या सुलझाना नहीं, बल्कि लोगों को यह विश्वास दिलाना भी है कि यह सरकार उनकी अपनी है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की पूर्व सरकारों व जनता के बीच हमेशा संवाद की कमी रही है। पूर्व में लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन ‘मुख्यमंत्री जनसंवाद सदन’ अब सरकार-शासन-जनता के बीच संवाद सेतु की भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि उनकी सरकार जनता की पीड़ा को अपनी पीड़ा मानती है।
