रीवा:कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि सभी एसडीएम और तहसीलदार प्राकृतिक आपदा की घटनाओं में तत्काल राहत और बचाव कार्य करें.आपदा पीडि़तों के राहत राशि के प्रकरण तत्काल स्वीकृत करके राहत राशि का वितरण कराएं. राहत राशि का प्रकरण सात दिवस में निराकृत करें. अपने क्षेत्र के नदी-नालों और बड़े जलाशयों के जल स्तर में निगरानी रखें. बाढ़ की स्थिति होने पर आमजनों की सुरक्षा और राहत के लिए तत्काल प्रबंध करें. सभी एसडीएम शासकीय मंदिरों की जमीनों और वक्फ की जमीन का सीमांकन कराएं.
यदि कहीं अवैध कब्जा है तो उसे हटाने की तत्काल कार्यवाही करें. खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सभी उचित मूल्य दुकान से राशन कार्डधारियों को तीन महीने का खाद्यान्न एक साथ दिया जा रहा है. खाद्यान्न वितरण की सतत निगरानी करते हुए 15 जून तक शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करें. बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करके विभाग की रैंकिंग में सुधार करें.
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि पशुपालन विभाग, नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत तथा सडक़ों के निर्माण से जुड़े विभाग मिलकर निराश्रित गोवंश को सडक़ों से गौशाला पहुंचाने का अभियान चलाएं. पशुओं को बेसहारा छोडऩे वालों पर भी दण्डात्मक कार्यवाही करें. भारी वर्षा की स्थिति में जलमग्न होने वाले पुल और पुलियों में आवागमन रोकने के लिए आवश्यक प्रबंध करें. बैठक में कलेक्टर ने स्वामित्व योजना के शेष प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए. बैठक में खाद के वितरण तथा कृषि आदान की भी समीक्षा की गई. बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.
