नयी दिल्ली, 05 जुलाई (वार्ता) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को समय की मांग बताते हुए कहा है कि भारत फार्मा और चिकित्सा अनुसंधान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती होनी आवश्यक है।
श्री बिरला ने इनोवेटिव फिजिशियन फोरम-आईपीएफ के 7वें वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सफलतापूर्वक बढ़ाते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि इन सेवाओं का लाभ देश के हर नागरिक को मिले। उनका यह भी कहना था कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में की गई पहलों से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक समावेशी और रोगी-केंद्रित बनाया गया है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, डिजिटल स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों और किफायती उपचार विकल्पों में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र में हुए कार्यों की सराहना की और कहा कि न्यायसंगत स्वास्थ्य देखभाल इकोसिस्टम के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता है। फोरम को चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम शोध, उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचारों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मंच से आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस जैसे उपकरणों का उपयोग स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बेहतर बनाने और चिकित्सा में वर्तमान तथा भावी चुनौतियों का समाधान करने उपाय खोजने के लिए किया जा सकता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने देश की चिकित्सा प्रणाली से जुड़े लोगों और इस क्षेत्र में किए जा रहे शोध कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण और सेवा ने भारत को कोविड-19 वैश्विक महामारी का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने और सफल उपचार प्रदान करने में सक्षम बनाया और कहा कि इस दौरान हुए विशिष्ठ शोध कार्यों ने साबित कर दिया है कि भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रमाणिक है।
उन्होंने दवाओं के निर्माण, वैक्सीन उत्पादन और अत्याधुनिक बायोमेडिकल अनुसंधान में देश की बढ़ती क्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। उनका कहना था कि भारत की सशक्त वैज्ञानिक प्रतिभा, सुदृढ़ अनुसंधान सुविधाएं और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में न केवल देश की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधानों पर भी काम हो रहा है।
श्री बिरला ने कहा कि देश में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने वाली पहल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग से वैश्विक स्वास्थ्य के भावी परिदृश्य में भारत की भूमिका और मजबूत हो रही है।
