इंदौर: एमआईपीडीसी के चर्चित इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क योजना का आज ड्राफ्ट प्रकाशित हो गया है. इसके साथ ही भू धारकों ने एमपीआईडीसी के पक्ष में जमीनों को रजिस्ट्री करना शुरू कर दिया है. आज कुछ भू धारकों ने एमपीआईडीसी को सहमति भी दे दी है. खास बात यह है कि इकोनॉमिक कॉरिडोर की शुरुआत ग्राम कोरडिया बर्डी से शुरू होकर गांव धन्नड तक जाएगी, जिसमें कुल 17 गांव की जमीन सड़क बनाने के लिए ली जा रही है.
एमपीआईडीसी द्वारा निर्मित होने वाली इकोनॉमिक कॉरिडोर योजना रास्ता साफ हो गया है. एमपीआईडीसी की उक्त योजना में भू धारकों को विकसित जमीन का 60 प्रतिशत भू भाग आवंटित किया जाएगा. आज एमपीआईडीसी ने 75 मीटर चौड़ी और 21 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण का ड्राफ्ट प्रकाशित कर दिया है. ड्राफ्ट प्रकाशन के साथ आज ही कुछ भू धारकों द्वारा एमपीआईडीसी के पक्ष में रजिस्ट्री प्रारंभ हो गई है.
उक्त योजना के लिए एमपीआईडीसी को 1331 हैक्टेयर जमीन की आवश्यकता है और योजना में 17 गांव की जमीन आ रही है. बताया जा रहा है कि उक्त सड़क का निर्माण जल्द ही शुरू कर 2028 सिंहस्थ के पहले पूरा कर लिया जाएगा. इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क 75 मीटर चौड़ी बनाई जाएगी. साथ ही योजना में सड़क के दोनों ओर 300 – 300 मीटर जमीन पर विकसित प्लॉट भी उद्योग और इंडस्ट्री होंगे, जिसमें भू धारक और एमपीआईडी की 60 और 40 प्रतिशत के अनुपात में हिस्सेदारी होगी.
जल्द जारी होगा गजट नोटिफिकेशन
एक बार और की एमपीआईडीसी द्वारा सड़क का ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद राज्य सरकार भी जल्द ही इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर गजट नोटिफिकेशन अगले कुछ दिनों में कर देगी. इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क बनने के बाद पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र राजस्थान और गुजरात से सीधा जुड़ जाएगा. अभी एबी रोड पर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की तरह जाने के लिए जुड़ा हुआ है. उक्त सड़क से उज्जैन रोड होते हुए सभी वाहन शहर के बाहर से बायपास भी जा सकेंगे.
