फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा सप्ताह सात जुलाई तक

सिरसा, (वार्ता) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल बीमा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नौवां फसल बीमा सप्ताह एक से सात जुलाई तक मनाया जा रहा है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार इस सप्ताह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल बीमा योजना की जानकारी देना और उन्हें इस योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक संख्या में पंजीकृत कराना है। इससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप या अन्य कारणों से फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

कृषि विभाग से विषय विशेषज्ञ राकेश कुंट व गुण नियंत्रण निरीक्षक अमित कुमार तथा एग्रीकल्चर इन्श्योरेन्स कम्पनी से स्टेट कोऑर्डिनेटर विजयदीप व जिला कोऑर्डिनेटर विकास ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्टेट कोऑर्डिनेटर विजयदीप ने उपस्थित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ, प्रक्रिया व आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार की अधिसूचना के अनुसार खरीफ 2025 सत्र के लिए जिला सिरसा में एग्रीकल्चर इन्श्योरेन्स कम्पनी को अधिकृत किया गया है। इस योजना में धान, कपास, बाजरा, मूंग और मक्का फसलें शामिल हैं। इन फसलों के लिए किसानों को बीमा प्रीमियम प्रति हेक्टेयर के अनुसार धान के लिए 2124.98, कपास के लिए 5435.05, बाजरा के लिए 1024.36, मक्का के लिए 1089.74 और मूंग के लिए 953.50 रुपये वहन करना होगा।

बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। केसीसी धारक के लिए यह योजना वैकल्पिक है। यदि कोई केसीसी धारक किसान फसल बदलना चाहता है, तो उसे अंतिम तिथि से कम से कम दो दिन पहले अर्थात 29 जुलाई तक अपने बैंक में फसल परिवर्तन करवाना होगा। यदि कोई केसीसी धारक किसान फसल बीमा नहीं करवाना चाहता है, तो उसे 24 जुलाई तक बैंक को लिखित में सूचित करना होगा।

गैर-ऋणी किसान, जो अपनी फसल का बीमा करवाना चाहते हैं, वे अपनी जमीन की फर्द, खसरा नंबर, बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की प्रति, आधार कार्ड, फसल बिजाई प्रमाण पत्र तथा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पंजीकरण करवाने के बाद नजदीकी सीएससी केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। सीएससी सेंटर इंचार्ज को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करें तथा किसान का मोबाइल नंबर और ईमेल प्क् अवश्य दर्ज करें, ताकि बीमा संबंधी सभी पत्राचार सीधे बीमा कंपनी द्वारा किसान से किया जा सके।

विभागीय अधिकारियों ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपनी फसलों का बीमा करवाएं और इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं, जिससे किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। सं.संजय

 

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