
काबुल, 01 जुलाई (वार्ता) पड़ोसी ईरान और पाकिस्तान से कुल 3,284 अफ़गानी परिवार सोमवार को अपने वतन लौट आए, जिनमें 13,029 सदस्य हैं। अफ़गानिस्तान उच्चायोग ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उच्चायोग ने कहा कि शरणार्थी पश्चिमी हेरात प्रांत में इस्लाम क़ला सीमा , पूर्वी नंगरहार प्रांत में तोरखम सीमा ,दक्षिणी कंधार प्रांत में स्पिन बोल्डक और पश्चिमी निमरोज़ प्रांत में अबरीशाम सीमा पार करके घर लौटे हैं।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त के अनुसार, 2025 तक अब तक 10 लाख 20 हजार से ज़्यादा अफ़गानी नागरिक ईरान और पाकिस्तान से वापस आ चुके हैं। लगभग 70 लाख अफ़गान शरणार्थी, जिनमें से ज़्यादातर के पास कोई दस्तावेज़ नहीं है, वर्तमान में विदेश में रह रहे हैं, इनमें से ज़्यादातर ईरान और पाकिस्तान में रह रहे हैं।
दोनों देशों के अधिकारियों ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों से कहा है कि वे अपना अवैध प्रवास समाप्त कर और स्वदेश लौट जाएं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (एनएचसीआर) ईरान से प्रतिकूल परिस्थितियों में लौटने वाले अफगानों की संख्या में वृद्धि देख रही है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि बड़े पैमाने पर लोगों की वापसी से अफगानिस्तान में स्थिति नाजुुक हो सकती है।
इस वर्ष 20 मार्च को ईरान सरकार द्वारा वापसी की समय-सीमा लागू किए जाने के बाद से अब तक 6 लाख 40 हजार से अधिक अफगानी ईरान से वापस आ चुके हैं, जबकि 3 लाख 66 हजार से अधिक लोगों को निर्वासित किया जा चुका है। इनमें शरणार्थी और शरणार्थी जैसी स्थिति वाले लोग शामिल हैं।
