
दमोह. जिले के दमयंती नगर की पहाड़ी पर 23 जून को मिले युवक के शव मामले में पुलिस ने गुरुवार शाम को पुलिस अधीक्षक सोमवंशी ने अंधी हत्या का खुलासा कर दिया. पुलिस ने इस मामले में मृतक के सगे भाई सहित तीन लोगों को आरोपी बनाया है.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया
आए दिन होता था विवाद- पुलिस अधीक्षक*
दमोह पुलिस अधीक्षक श्री सोमवंशी ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 23 जून की सुबह दमयंती नगर की पहाड़ी पर एक अज्ञात शव मिला था, जिसकी पहचान पन्ना जिले के सिमरिया थाना में आने वाले रीछी गांव निवासी दयाराम लोधी 23 के रूप में हुई थी.इसके बाद परिजनों के बयान दर्ज किए गए. ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए, तो पता चला कि मृतक बेरोजगार था और अपने बड़े भाई आरोपी सियाराम के साथ रहता था और दोनों के बीच हमेशा ही विवाद होता रहता था.जांच पड़ताल आगे बड़ी, साइबर टीम की मदद से और भी सबूत इकट्ठे हुए और जब मृतक के भाई आरोपी सियाराम को पकड़ा गया. तो उसने बताया कि उसका भाई कोई काम नहीं करता था.आए दिन उससे विवाद होता था. मैंने प्लानिंग की और उसके नाम पर 13 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी कर दी और बाद में पास के ही खैरी गांव के दो लोगों के साथ मिलकर अपने भाई की हत्या का प्लान किया.आरोपी ने सोचा कि भाई की हत्या कर देंगे, तो भाई से छुटकारा मिलेगा और उसके नाम पर 13 लाख की पॉलिसी की राशि भी मिल जाएगी.उसने खेरी गांव निवासी रवि किरण बेड़िया और सोनू उर्फ छोटू बेड़िया के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया.तीनों आरोपी मृतक को दमोह के दमयंती नगर पहाड़ी के पास लेकर आए. यहां शराब पिलाई उसके बाद उसके सिर पर एक पत्थर मारा और गला घोटकर उसकी हत्या कर दी और पहाड़ी पर लाकर फेंक दिया.
