नयी दिल्ली, 26 जून (वार्ता) जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सिंधु जल संधि पर रोक लगाने के भारत के रुख को दोहराते हुए आज कहा कि यह निर्णय हमारे राष्ट्रीय हितों को पूरा करता है और इसको लेकर जो फैसला भारत सरकार ने लिया है वो सही है।
श्री पाटिल ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तान के नेताओं की तरफ से जो धमकियां आ रही हैं वे निराधार हैं और उनसे कोई फर्क भारत को नहीं पड़ता है। उनका यह भी कहना था कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संधि के संबंध में जो भी निर्णय होगा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार द्वारा ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “संधि की स्थिति पर कोई अपडेट नहीं है। इस संबंघ में लिया गया कोई भी निर्णय केवल देश के हित में ही होगा।”
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की हालिया टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर श्री पाटिल ने कहा “पानी कहीं नहीं जाएगा। उनकी टिप्पणियाँ उनकी अपनी चिंताएँ हैं। हम खोखली धमकियों से नहीं डरते। हम गीदड़ भभकियों से नहीं डरते।”
मोदी सरकार ने पहले भी दशकों पुरानी सिंधु जल संधि के तहत अपने दायित्वों को निलंबित करके एक आतंकवादी हमले का जवाब दिया था, जो सिंधु बेसिन में छह नदियों में जल-बंटवारे को नियंत्रित करती है।
