नयी दिल्ली, 22 जून (वार्ता) विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने तमिलनाडु के मदुरई जिले में भगवान मुरुगन के प्रथम निवास थिरुपरनकुंद्रम पर्वत पर मुस्लिम कट्टरपंथियों के अतिक्रमण के खिलाफ स्थानीय लोगों के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है।
विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि तमिलनाडु का मदुरई शहर दक्षिण की अयोध्या बनने जा रहा है। मदुरई में थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर भगवान मुरुगन के प्रथम निवास को जिहादियों से बचाने के लिए आज लाखों हिंदू भक्त एकत्रित हो रहे हैं।
श्री बंसल ने कहा कि हमारी विरासत को नष्ट करने के उद्देश्य से मदुरई में भगवान मुरुगन के प्रथम निवास थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर ब्रिटिश काल के दौरान एक मुस्लिम दरगाह बनाई गई थी। हाल ही में मुस्लिम कट्टरपंथियों के एक समूह को उस समय रोका गया जब वे बलि देने के लिए एक बकरा थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर ले जा रहे थे। इसके बाद अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई थी। उस समय हिंदू समाज द्वारा एक बड़ी बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप पवित्र थिरुपरनकुंद्रम पर्वत की रक्षा के लिए रविवार, 22 जून को मदुरई में मुरुगा भक्त सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
विहिप प्रवक्ता ने कहा कि तमिलनाडु के सभी संत, संन्यासी, बुजुर्ग और विद्वान आज इस विशाल हिंदू समागम में शामिल होने के लिए मदुरई पहुंच रहे हैं। सत्तारूढ़ हिंदू विरोधी द्रमुक सरकार ने 51 शर्तें लगाकर और वाहनों को रोकने के लिए ई-पास आदि की आवश्यकता बताकर सम्मेलन को बाधित करने की कोशिश तो की, लेकिन न्यायालय ने उन बाधाओं को तोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि अनुमान है कि आज कम से कम पांच लाख लोग आएंगे। पिछले पांच दिनों से लोग मुरुगा दर्शन के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हो रहे हैं। यदि राज्य सरकार इस मुद्दे पर चुप रहती है और जिहादी ताकतों को संरक्षण देते हुए हिंदू जन भावनाओं की अनदेखी करती है, तो वह दिन दूर नहीं कि यह मदुरई दक्षिण की अयोध्या बन जाएं।
