
भोपाल। योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों एवं सभी योग साधकों को शुभकामनाएं देते हुए अटल पथ पर योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि यह दिन भारत की जीवन शैली, दर्शन और प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का गौरवशाली अवसर है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग को आत्मा की शांति, संतोष और अहिंसा की ओर ले जाने वाला मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि योग मन को शांत करता है, शांति से संतोष आता है और संतोष हमें अहिंसा की ओर अग्रसर करता है। यही मार्ग हमें वसुधैव कुटुम्बकम संपूर्ण पृथ्वी को एक परिवार मानने की भावना की ओर ले जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना करते हुए कोविड-19 संकट के दौरान जियो और जीने दो की भावना को साकार करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत ने न केवल अपने नागरिकों की रक्षा की, बल्कि 100 से अधिक देशों को दवाइयां और आवश्यक संसाधन प्रदान कर विश्व को अपना परिवार माना। योग सूत्रों के प्रणेता महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने अष्टांग योग के महत्व को रेखांकित किया और सभी से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में योग को अपनाकर प्रकृति से जुड़ें और मानवता की सेवा करें।
