
नलखेड़ा। नगर और आसपास के इलाकों में इन दिनों लोहे की चद्दरों, सरियो और एंगल से लदे छोटे पिकअप और ट्रॉली वाहन सडक़ों पर बेधडक़ दौड़ते नजर आते हैं. जिससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है.
रात को बगलामुखी मार्ग पर ऐसा ही एक हादसा होते होते टल गया. जब एक पिकअप वाहन से सरिये सामने की ओर इतना बाहर निकले हुए थे कि हल्के से झटके में ही वाहन का अगला हिस्सा उठ गया. सौभाग्य रहा कि पीछे कोई अन्य वाहन नहीं था, वरना बड़ा हादसा टलना मुश्किल था. शहर में मिनी ट्रकों और पिकअप चालकों द्वारा चंद रुपयों के लालच में ओवरलोडिंग की जा रही है. खासकर सरिया ढोने वाले ये वाहन बिना नियमों की परवाह किए संकरी गलियों और व्यस्त बाजारों से गुजरते हैं. कई बार ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ अधिकारियों की आंखों के सामने ये सब होता है, लेकिन कार्रवाई न के बराबर है.
प्रशासन कर रहा किसी बड़े हादसे का इंतजार
यातायात नियमों के अनुसार ऐसे वाहनों पर रेड इंडिकेटर, लोड बाउंडिंग बेल्ट और वाहन की क्षमता के अनुरूप भार ही ढोया जाना चाहिए, लेकिन ना ही यह सरिये बंधे होते हैं और न ही कोई चेतावनी चिह्न लगे होते हैं. ऐसे में सडक़ पर चलने वाला हर राहगीर संभावित दुर्घटना की चपेट में आ सकता है.
इनका कहना है
जिले में जल्द ही अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कार्यवाही की जाएगी, उनको नियम की समझाइए भी दी जाएगी.
जगदीश यादव, यातायात प्रभारी, आगर मालवा
