सीहोर: मंडी थाना क्षेत्र के गांव मूंडला खुर्द में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया, जब विद्युत लाइन सुधारने खंबे पर चढ़े हेल्पर नरेंद्र सिसोदिया 11 केवी लाइन में अचानक करंट आने से बुरी तरह झुलस गए. मस्जिद के पास लगे इस खंभे पर कार्य के दौरान परमिट लेकर बिजली बंद कराई गई थी, लेकिन फिर भी लाइन अचानक चालू हो गई. स्पार्किंग की आवाज सुनकर मस्जिद में मौजूद मशीउल्ला और अमजद खान ने तत्परता दिखाई और ग्रामीणों की मदद से बांस के सहारे नरेंद्र को नीचे गिराया. ग्रामीणों ने तुरंत उसकी मालिश की, गर्म दूध पिलाया और होश में लाया.
घायल नरेंद्र को उनका बेटा महेंद्र निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचा हादसे के एक घंटे बाद भी न 108 एंबुलेंस पहुंची, न ही बिजली विभाग का कोई अधिकारी.
यह घटना विद्युत विभाग की घोर लापरवाही को फिर उजागर करती है. नरेंद्र के पास कोई सुरक्षा उपकरण नहीं था और मौके पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था. ऐसे हादसे पहले भी हो चुके हैं, लेकिन विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे कर्मचारियों की जान हर बार जोखिम में पड़ रही है.
अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे बीएलओ
वह आदमी अकेला खंबे पर चढ़ गया था. न इसके लिए लाइन बंद करवाई थी और न किसी को सूचना दी थी. हम जांच कर रहे हैं कि उसे कैसे करंट लगा है.. नियमानुसार अकेला आदमी एलाऊ ही नहीं है कि वह खंबे पर चढ़े. यह क्यों चढ़ा यह भी जांच का विषय है.
सुधीर कुमार शर्मा, अधीक्षण यंत्री, विद्युत वितरण कंपनी सीहोर
