जबलपुर: हाईकोर्ट की जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस देव नारायण मिश्रा की युगलपीठ ने बरेली, जिला रायसेन में हुई हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाया। अपीलकर्ता दिनेश सिंह सहित सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा मिली थी, जिसे चुनौती दी गई थी। याचिका में तर्क दिया गया कि मृतक मदनलाल, अपीलकर्ता का ताऊ था, जो पारिवारिक जमीन पर कब्जा करने आया था। इसी दौरान विवाद हुआ और लाठी-डंडों से मारपीट में उसकी मौत हो गई।
युगलपीठ ने पाया कि भोजराज, संतोष और रामचरण के नाम एफआईआर में नहीं थे और बाद में जोड़ दिए गए थे। इन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। दिनेश सिंह, थान सिंह, चैत सिंह और तुलसीराम की सजा को घटाकर सात साल किया गया। कोर्ट ने थान सिंह, चैत सिंह और तुलसीराम की जमानत निरस्त कर, शेष सजा पूरी करने के लिए आत्मसमर्पण के आदेश दिए।
