
(मुकेश कौशिक) खुरई। खुरई विधायक एवं पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने शहर के भीतर वाहनों की भीड़ और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए करोड़ों की लागत से 10 किलोमीटर लंबे बायपास मार्ग का निर्माण करवाया था। आरंभ में इस मार्ग से बसों और भारी वाहनों का संचालन शुरू भी हुआ, लेकिन स्थानीय प्रशासन की लापरवाही ने इसे बेकार कर दिया। अब फिर से बसें और बड़े वाहन शहर के भीतर से बेरोकटोक आ-जा रहे हैं, जिससे चौराहों और तिराहों पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है।
सागर नाका से गढौला नाका तक का मार्ग बेहद सकरा है, फिर भी वहां बड़ी संख्या में बसें और ट्रक चल रहे हैं। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, खासकर सुबह स्कूल और दफ्तर के समय परसा चौराहे पर। यातायात नियंत्रण के लिए लगे बोर्ड अब गायब हैं, और पुलिस की उपस्थिति भी न के बराबर है।
सागर नाका जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कर्मी नहीं दिखते, जिससे नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सब कुछ सामने है, तो प्रशासन बेखबर क्यों बना हुआ है? अब जरूरत है कि अधिकारी जागें और सख्त कदम उठाएं ताकि आमजन को राहत मिल सके।
