
सुसनेर।विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था संभालने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पास ही खुद का कार्यालय नहीं है. पिछले कई सालों से तहसील रोड स्थित जनपद शिक्षा केंद्र के भवन में संचालित हो रहा है. स्वयं का भवन नहीं होने की वजह से विभाग के दोनों कार्यालयों को एक साथ, एक ही भवन में संचालित होने में कई परेशानी आ रही है.
जब इसकी पड़ताल की गई, तो पता चला कि जब से बीईओ कार्यालय की स्थापना हुई, तब से ही कार्यालय के पास खुद का भवन नहीं है. भवन के अभाव में जब भी कभी शिक्षा विभाग को संकुल प्राचार्यों, जनशिक्षक अथवा शिक्षकों को प्रशिक्षण देना होता है, तो फिर ऐसे में उन्हें कन्या स्कूल के भवन का सहारा लेना पड़ता है. बारिश के दिनों में बीआरसी कार्यालय में भी परेशानी होती है. कई जगह से छत से पानी टपकना शुरू हो जाता है. पूर्व में ऐसी स्थिति भी रही है कि किस कक्ष में बीईओ कार्यालय संचालित होता है, उसी में मास्टर ट्रेनरों को भी प्रशिक्षण दिया गया है. इस वजह से बीईओ कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित होता था.
इनका कहना है
1992 से ही बीईओ कार्यालय के लिए स्वयं का भवन नहीं है. पहले यह मिडिल स्कूल के कक्ष में संचालित होता था. 2009 से बीआरसी के भवन में संचालित हो रहा है. इस वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस संबंध में पूर्व के बीईओ के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर भवन की मांग की गई है. मैंने भी इस संबंध में जानकारी भेजी है.
मुकेश तिवारी, बीईओ सुसनेर
