
( कालुराम परमार )आलोट । बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा हैं। इसमें एएनएम टीकारण की जिम्मेदारी निभा रही हैं। लेकिन आलोट तहसील पर एएनएम के 13 पद रिक्त हैं। ऐसे में एएनएम को दोहरी जिम्मेदारी निभानी पड़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण अनिवार्य है। एएनएम द्वारा गांव-गांव पहुंचकर बच्चों को टीकाकरण किया जा रहा हैं।
अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण किया जाना हैं। परंतु आलोट तहसील में एएनएम के 36 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 13 पद रिक्त हैं। एक एएनएम को दो-या तीन गांवों के टीकारण की जिम्मेदारी दे रही हैं। ऐसे में टीकाकरण अभियान की सफलता शंका के घेरे में है। शासन द्वारा शीघ्र ही पदों की पूर्ति की जाए, ताकी शासन के अभियान तय समय पर पूर्ण हो सके।
गांव से दूर बनाया टीकारण केन्द्र
ग्राम पंचायत रिछा में भी टीकाकरण गत दिवस किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि यहां जो टीकाकरण केंद्र बनाया गया है वह गांव से काफी दूरी हैं। यहां पहुंचने के लिए शमशान के रास्ते जाना पड़ता हैं। रास्ते से गुजने में महिलाएं भयभीत रहती है। ग्रामीणों द्वारा समीपस्थ आयुर्वेदिक औषद्यालय की डिस्पेंसरी में प्रतिदिन टीकाकरण करवाया शुरू करने की मांग की हैं।
इनका कहना
टीकारण केन्द्र बहुत दूर हैं। यहां पहुंचने के लिए शमशान के रास्ते के रास्ते जाना पड़ता हैं। महिलाएं इस रास्ते से जाने में भयभीत होती है।
विक्रम बोडाना, ग्राम रीछा
गांव के बीच में आयुर्वेदिक औषद्यालय की डिस्पेंसरी बनी हुई हैं। यहां यह यह सुविधा शुरू हो सकती है। इससे गांव के रहवासियों को दूर नहीं जाना पड़ेगा।
अशोक परमार,ग्राम रीछा
