कैनबरा, 20 मई (वार्ता)ऑस्ट्रेलिया में संघीय चुनावों में ऐतिहासिक हार के कारण नेशनल पार्टी के लिबरल पार्टी के साथ फिर से समझौता न करने की घोषणा के साथ ही देश का 38 वर्ष पुराना रूढ़िवादी गठबंधन टूट गया है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की लिबरल पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था। लेबर पार्टी ने वर्ष 2007 के बाद पहली बार चुनावी जीत हासिल की है और विपक्षी नेता एंथनी अल्बानीस नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
नेशनल पार्टी के नेता डेविड लिटिलप्राउड ने आज यहां कहा कि पार्टी ने 48वीं संसद के लिए नए गठबंधन समझौते में शामिल नही होने का फैसला किया है क्योंकि लिबरल पार्टी की नई नेता सुसान ले के साथ बातचीत विफल हो गई है।
गौरतलब है कि ऐसा तीन मई को हुए चुनाव के बाद हुआ है जिसमें सत्तारूढ़ केंद्र-वाम लेबर पार्टी ऐतिहासिक रूप से भारी मतों से फिर से निर्वाचित हुई थी।
इस बीच कैनबरा में संवाददाताओं से श्री लिटिलप्राउड ने कहा, ‘‘नेशनल पार्टी सैद्धांतिक रूप से अकेली बैठेगी। हम पीछे देखने की बजाय आगे देखेेंगे और कोशिश करेंगे की हम जिन लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं उनके जीवन मे बदलाव लाने वाले महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दो को फिर से हासिल कर सकें।”
गौरतलब है कि वर्ष 1987 के बाद पहली बार यह गठबंधन टूटा है। वर्ष 1987 के चुनाव के बाद पुन गठित होने के बाद से यह गठबंधन 1996 से 2007 के बीच और फिर 2013 से 2022 तक ऑस्ट्रेलिया में सत्ता पर काबिज रहा। ।
इस बीच देश में प्रत्येक आम चुनाव के बाद समझौते की शर्तों पर नये तरीके से बातचीत की जाती रही है लेकिन उन्हें हमेशा गुप्त रखा गया है।
श्री लिटिलप्राउड ने कहा कि वह और सुश्री ले परमाणु ऊर्जा और प्रमुख सुपरमार्केट श्रृंखलाओं के लिए विनिवेश शक्तियों सहित नीतिगत मसलों पर एक समझौते पर नहीं पहुँच सके। सुश्री ले 13 मई को ही पार्टी सदस्यों द्वारा लिबरल पार्टी की नयी नेता चुनी गई हैं।
उन्होंने हालांकि कहा कि वह अगले आम चुनाव से पहले दोबारा से गठबधंन करने के लक्ष्य के साथ संबंध बेहतर बनाने के लिए सुश्री ले के साथ ‘हर दिन’ काम करेंगे।
इस बीच ऑस्ट्रेलियाई चुनाव आयोग ने कहा है कि मंगलवार तक मतगणना के दौरान लिबरल और नेशनल उम्मीदवार 150 सीटों में से 42 पर आगे चल रहे थे। नवनिर्वाचित सदस्य 48वीं संसद के निचले सदन का हिस्सा होंगे जहाँ सरकार बनेगी। हालांकि आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान संख्या वर्ष 2022 के चुनाव में गठबंधन द्वारा जीती गई 58 सीटों से कम है।
इस बीच चुनाव आयोग ने कहा कि लेबर पार्टी उम्मीदवार 94 सीटों पर आगे चल रहे थे जो ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में किसी भी पार्टी द्वारा चुनाव में जीती गई सबसे अधिक सीटों के बराबर होगी।

