श्रीनगर 16 मई (वार्ता) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि वह श्रीनगर से अतिरिक्त हज उड़ानों की व्यवस्था करे, ताकि करीब 1,900 हज यात्रियों की लंबित यात्रा पूरी हो सके, जो हाल ही में उड़ान सेवा रद्द होने के कारण बाधित हुई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उन्होंने केंद्र के समक्ष इस मुद्दे को उठाया है, तथा हजयात्रियों को बिना किसी देरी के पवित्र यात्रा पर जाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया है।
श्री अब्दुल्ला ने पोस्ट किया, “मैंने 1895 तीर्थयात्रियों की लंबित हज उड़ानों के मामले को निपटाने के लिए श्रीनगर से अतिरिक्त हज उड़ानों की व्यवस्था करने की तत्काल आवश्यकता को भारत सरकार के समक्ष उठाया है। हमारे तीर्थयात्रियों के लिए सुचारू और समय पर तीर्थयात्रा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।”
उन्होंने कहा कि गत सात मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर के शुरू होने के साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के कारण श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दी गयी थी, जिसके बाद हज यात्रियों की संख्या में कमी आई थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए गये और उड़ानों को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे न केवल घरेलू यात्री बल्कि श्रीनगर से वार्षिक हज यात्रा के लिए रवाना होने वाले यात्री भी प्रभावित हुये।
श्रीनगर से पहली हज यात्रियों की उड़ान 04 मई को रवाना हुई, जिसमें 178 यात्रियों ने उड़ान भरी थी। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण 07 मई से 12 मई के दौरान निर्धारित सात हज उड़ानें रद्द कर दी गईं। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम समझौते के बाद 13 मई को श्रीनगर हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन फिर से शुरू हुआ। इसके बाद 14 मई को हज उड़ानें फिर से शुरू हुईं।
