जबलपुर: आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे मप्र पूक्षेविविकलि कटनी के कार्यपालन यंत्री यू.एस. पाराशर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ईकाई जबलपुर (ईओडब्ल्यू) ने आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण दर्ज करने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया है। छापेमारी के दौरान मिले नौ खातों का ब्यौरा ईओडब्ल्यू के पास पहुंच गया है। इन खातों में 19 लाख 30 हजार आठ सौ 35 रूपए मिले हैं।
इसके अलावा कार्यपालन यंत्री ने 1 करोड़ 60 लाख रूपए का लोन लिया था। जिसे उसने लगभग पटा दिया है सिर्फ पांच लाख रूपए बाकी हैं। जबकि इसके पूर्व नरसिंहपुर स्थित मकान, फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान 5.5 करोड़ की संपत्ति पकड़ी जा चुकी है।विदित हो कि मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्रीय विद्युत वितरण कंपनी, कटनी के कार्यपालन यंत्री उमा शंकर पाराशर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों पर ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार अधिनियम का केसदर्ज किया था।
इसके साथ ही आरोपी के निवास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नरसिंहपुर एवं ग्राम-बिनैर (निवारी), तहसील- करेली, जिला नरसिंहपुर स्थित फैक्टरी पर सर्च की कार्यवाही की थी। सर्च के दौरान चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई थी। इस दौरान 1.5 करोड़ के पांच मकान, नरसिंहपुर में कॉमन बायो केमिकल वेस्ट फैक्टरी 3.0 करोड़, 60 लाख रूपये के आधा दर्जन वाहन मिले थे। इसके अलावा 18,16,955 रुपये के सोने चांदी के जेवरात, घरेलू सामान 36,43,000 रुपये का मिला था। इसके 9 बैंक खातों की भी जानकारी मिली थी।
किसके नाम पर कितने खाते
नौ खातों में रकम कहां से आई और कहां-कहां भेजी गई समेत अन्य बिन्दुओं पर जांच पड़ताल चल रही है। दो खाते कार्यपालन यंत्री यू.एस. पाराशर, पांच खाते पत्नी मीनाक्षी पाराशर, दो खातें पुत्र आर्यन पाराशर के नाम पर है।
