रियाद, 13 मई (वार्ता) पश्चिम एशिया में स्थिरता लाने के लिए अमेरिका द्वारा भूमिका निभाए जाने के आहवानों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे ।
श्री ट्रम्प पश्चिम एशिया की चार दिवसीय तूफानी दौरे में सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जाएंगे जहाँ उनका खाड़ी देशों के नेताओं से मिलने और खरबों डॉलर के निवेश सौदों को अंतिम रूप दे सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह यात्रा पश्चिम एशिया में चल रही उथल-पुथल के बीच हो रही है।
ज्ञातव्य है कि परमाणु मुद्दों पर अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में बहुत कम प्रगति हुई है जबकि गाजा में इजरायली हमले जारी है। उधर यमन में हूतियों और लेबनान के साथ उसकी शत्रुता में कमी के भी कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं।
इस बीच इजरायल की सैन्य वृद्धि का समर्थन करने और गाजा से फिलिस्तीनियों को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव देने के लिए अमेरिका की व्यापक क्षेत्रीय आलोचना हुई है। क्षेत्रीय विश्लेषकों को उम्मीद है कि श्री ट्रम्प की यात्रा के दौरान अमेरिका क्षेत्र में युद्धविराम को बढ़ावा देकर तनाव कम करने में सार्थक भूमिका निभा सकता है।
खाड़ी अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष अब्दुलअजीज सेगर के मुताबिक पश्चिम एशिया में कई मुद्दे अनसुलझे हैं इसलिए क्षेत्रीय देशों के साथ समन्वय के लिए अमेरिका की आवश्यकता “पहले से कहीं अधिक दबावपूर्ण” प्रतीत होती है।
गौरतलब है कि श्री ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के तहत सऊदी अरब की उनकी यह पहली बड़ी आधिकारिक विदेश यात्रा है। जनवरी में श्री ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरूआत में ही कहा था कि वह सऊदी अरब को अपने पहले गंतव्य के रूप में चुनेंगे यदि सऊदी अरब 450 या 500 बिलियन (डॉलर के अमेरिकी उत्पाद) खरीदता है तो।
