नई दिल्ली, (वार्ता) ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति के तहत ब्रिटेन सरकार ने हाइनेट इंडस्ट्रियल क्लस्टर (लिवरपूल बे सीसीएस) की कोर कार्बन ट्रांसपोर्ट और भंडारण परियोजना को वित्तीय स्वीकृति दे दी है।
कंपनी ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि इस परियोजना के निर्माण चरण की शुरुआत अब एनी (ईएनआई) द्वारा की जाएगी, जिससे उत्तर पश्चिम इंग्लैंड और उत्तरी वेल्स में नौकरियों, उद्योगों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक नया अध्याय शुरू होगा।
इस महत्त्वाकांक्षी पहल में एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन (ईईटी) की हाइड्रोजन उत्पादन परियोजना एचपीपी1 एंकर परियोजना के रूप में प्रमुख भूमिका निभाएगी। यह संयंत्र ब्रिटेन का पहला बड़े पैमाने पर कम-कार्बन हाइड्रोजन उत्पादन केंद्र होगा, जिसकी 350 मेगावाट की क्षमता से हर साल लगभग छह लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का कैप्चर किया जाएगा, जो सड़क से 1.25 लाख कारों को हटाने के बराबर है।
एस्सार का स्टैनलो मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स, जो हाइनेट के केंद्र में स्थित है, भविष्य में विश्व स्तरीय ऊर्जा ट्रांजिशन हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। ईईटी की योजना के तहत स्टैनलो में लगभग 20 लाख टन कार्बन उत्सर्जन की कटौती की जाएगी, साथ ही एचपीपी2 और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल्स (एसएएफ) जैसे भविष्य के नवाचार भी यहां विकसित किए जाएंगे।
ईईटी के मैनेजिंग पार्टनर टोनी फाउंटेन ने कहा, “हाइनेट कार्बन डाइऑक्साइड पाइपलाइन न केवल उत्तर पश्चिम के उद्योग के लिए गेम-चेंजर है बल्कि यह स्टैनलो को यूरोप की सबसे अग्रणी डीकार्बोनाइज्ड रिफाइनरियों में से एक बनाने के हमारे लक्ष्य को भी मजबूत करता है।”
ईईटी हाइड्रोजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जो सीफर्ट ने कहा, “एचपीपी1 को हाइनेट की प्रमुख परियोजनाओं में स्थान मिलना हमारे लिए गर्व की बात है। यह घोषणा हमें निर्माण चरण की ओर तेजी से बढ़ने में मदद करेगी।”
