
जबलपुर। केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने पूर्व आदेश की नाफरमानी पर रेलवे बोर्ड चेयरमैन सतीश कुमार, सेंट्रल रेलवे महाप्रबंधक धरम वीर मीणा और प्राचार्य (जेडआरटीआई) सेंट्रल रेलवे को अवमानना नोटिस जारी किया है। कैट के न्यायिक सदस्य जस्टिस एके श्रीवास्तव व प्रशासनिक सदस्य मल्लिका आर्य की युगलपीठ ने दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
राजकुमार दुबे की ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में वाइस प्रिंसिपल के पद पर पदस्थ थे। दरअसल, उनकी पत्नी ने दहेज प्रताडऩा का मामला दर्ज कराया था, जिस पर 2020 में उन्हें दो वर्ष के कारावास की सजा हुई। बाद में अपर सत्र न्यायाधीश ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। कैट ने अक्टूबर 2024 को रेलवे को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता को 90 दिन के भीतर बहाल करें। आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
