
सुसनेर।शहर में दो दिन पहले सर्पदंश का शिकार हुए एक मासूम की समय पर इलाज ना मिलने से मौत के मामले में पूरे शहर में आक्रोश है. अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं से नाराज लोगों ने बुधवार को अस्पताल के बाहर मरीज रैफर सेंटर का बोर्ड लगा दिया है. साथ ही गुरुवार को नगर बंद करने का ऐलान भी किया गया.
बुधवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और सिविल अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी की गई. इस दौरान एसडीएम सर्वेश यादव, तहसीलदार विजय सेनानी, एसडीओपी देवनारायण यादव मौजद रहे.इसके बाद विधायक भैरोसिंह परिहार बापू भी अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण किया. यहां पर विधायक ने अस्पताल में शराब की बोतलें पाई जाने पर नाराजगी जताई और जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही से मासूम की मौत हुई है, उन पर कार्रवाई करने के निर्देश संबंधितों को दिए. चीफ बीएमओ डॉक्टर राजीव बरसेना को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए.
बता दें दो दिन पहले एक बालक संयम पिता जिनेन्द्र कुमार जैन की सर्पदंश से मौत हो गई थी. आरोप है कि अस्पताल में रखा एंटी स्नेक इंजेक्शन वहां मौजूद डॉक्टर को नहीं मिला. जिसके चलते डॉक्टर ने बिना इलाज करे बच्चे को रैफर कर दिया. समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी जान नहीं बच पाई. बुधवार शाम 4 बजे एसडीएम कार्यालय में बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें नगर के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे. प्रशासन ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की कि नगर बंद न होने पाए, किन्तु कार्रवाई होने के बाद ही नगर बंद का आह्वान वापस लेने की बात कही गई, जिसके बाद नागरिकों की ओर से नगर बंद का लिखित सूचना पत्र एसडीओपी और एसडीएम को सौंपा गया.
