
बालाघाट।भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित मिनी रत्न श्रेणी का प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम मॉयल लिमिटेड देश का अग्रणी मैंगनीज उत्पादक उद्योग है। देशभर में फैली इसकी 9 सक्रिय खदानों के माध्यम से ओपन कास्ट एवं भूमिगत दोनों तकनीकों से उच्च गुणवत्ता का मैंगनीज अयस्क निकाला जाता है।
मॉयल लिमिटेड की भरवेली मैंगनीज खदान न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया महाद्वीप में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। यह खदान एशिया की सबसे गहरी मैंगनीज खदान मानी जाती है, जहाँ उच्च कोटि का अयस्क पाया जाता है। समय के साथ यह खदान निरंतर आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव ला रही है। कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता कामगारों की सुरक्षा है, जिसके बाद उत्पादन में वृद्धि को प्रमुखता दी जाती है।
ऐसी महत्वपूर्ण खदानों के संचालन की जिम्मेदारी अब उम्मेद सिंह भाटी ने अभिकर्ता एवं संयुक्त महाप्रबंधक के रूप में संभाली है। उनके कार्यक्षेत्र में भरवेली, उकवा, तिरोडी एवं सितापठौर जैसी प्रमुख खदानें आती हैं। विशेष बात यह है कि श्री भाटी पूर्व में भी भरवेली खदान में प्रबंधक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, और उन्होंने वहाँ के खनन संचालन में उल्लेखनीय योगदान दिया था।
अपनी नई जिम्मेदारी ग्रहण करने के पश्चात श्री भाटी ने कहा कि
“मॉयल लिमिटेड एक गौरवशाली संस्थान है, और इसका हिस्सा होना मेरे लिए सम्मान की बात है। भरवेली खदान केवल उत्पादन के स्तर पर ही नहीं, बल्कि तकनीकी और सुरक्षा की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखती है। मैं अपने पूर्व अनुभवों का लाभ उठाकर खदानों के सुरक्षित, आधुनिक एवं परिणाममुखी संचालन हेतु प्रयासरत रहूंगा। मेरी प्राथमिकता कार्यस्थल की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना, उत्पादन में निरंतरता लाना तथा कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक वातावरण तैयार करना रहेगा।”
उनकी नियुक्ति से कर्मचारियों एवं अधिकारियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। माना जा रहा है कि श्री भाटी के मार्गदर्शन में मॉयल की खदानें खनन क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेंगी।
