
जबलपुर। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन मंडला से पूछा है कि पूर्व में रोक लगाए जाने के बावजूद सरपंच व अन्य को पद से हटाने का नोटिस क्यों जारी किया गया है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने जनपद पंचायत सीईओ के आदेश पर रोक लगाते हुए कलेक्टर मंडला, सीईओ जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
मंडला निवासी सीताराम सैयाम की ओर से दायर मामले में कहा गया कि ग्राम पंचायत धेंको के सरपंच सीताराम, सचिव राजकुमार सिरसाम, ग्राम रोजगार सहायक एवं उपयंत्री के खिलाफ आर्थिक अनियमितता के आरोप था। सीईओं जिला पंचायत ने सरपंच को पद से हटाने, सचिव का वेतन रोकने, रोजगार सहायक को हटाने और उपयंत्री पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये थे। हाईकोर्ट ने चारों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद जनपद पंचायत सीईओ ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सरपंच को नोटिस जारी कर कहा कि वह वर्तमान सचिव को हटाकर सतीश साहू को प्रभार दें, वरना उन्हें पद से पृथक कर दिया जाएगा। जनपद पंचायत सीईओ के उक्त आदेश को पुन: हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। जिसके बाद न्यायालय ने जवाब तलब किया है।
