कृषि में साक्ष्य आधारित नीति निर्माण की आवश्यकता:जाट

नयी दिल्ली 29 अप्रैल (वार्ता) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एम एल जाट ने किसानों के लिए स्थायी आजीविका बनाने पर जोर देते हुए कहा है कि कृषि में विज्ञान और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की तत्काल आवश्यकता है।

डॉ. जाट ने मंगलवार को यहां कहा कि कृषि में भारतीय परिस्थितियों में शोध किये जाने चाहिए जिससे किसानों के हित में निर्णय लिये जा सके। उन्होंने कृषि समुदाय से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अमृत काल के सपने को साकार करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि में विज्ञान और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ-साथ किसानों के लिए स्थायी आजीविका बनाने के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के हितों और देश के लक्ष्यों के साथ जोड़ने के लिए अब एक संयुक्त सहयोग मिशन का समय आ गया है।

डॉ. जाट ने कहा, “ हमें वर्तमान वैश्विक रुझानों के संदर्भ में उभरती कृषि आवश्यकताओं का अध्ययन करना चाहिए। आंतरिक प्रणालियों और बाह्य क्षमताओं को मजबूत करना तथा उनका तालमेल सुनिश्चित करना, एक लचीले कृषि परिवेश के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।” उन्होंने भारतीय कृषि की विविधता से उत्पन्न चुनौतियों तथा उनके समाधान के लिए सुनियोजित, एकीकृत दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

Next Post

दिल्ली सरकार ने फीस बढोत्तरी रोकने के लिए कानून बनाने का किया फैसला

Tue Apr 29 , 2025
नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली सरकार ने स्कूलों की फीस बढोत्तरी को रोकने के लिए एक नया कानून बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुई दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में इससे संबंधित ‘दिल्ली विद्यालय शुल्क निर्धारण (पारदर्शी एवं नियमन) विधेयक 2025’ […]

You May Like