
बागली/उदय नगर।देवास जिला कलेक्टर ऋतुराज के नेतृत्व में पूरे देवास जिले में हिंदू पर्व की प्रमुख तिथि आखा तीज पर्व पर संपन्न हो रहे शादी विवाह समारोह एवं सार्वजनिक सम्मेलनों में बाल विवाह ना हो पाए इसके लिए महिला बाल विकास टीम को निर्देशित करते हुए इस पर ध्यान रखने के सत्य निर्देश दिए हैं। उसी परिपालन में अलग-अलग टीम का गठन किया है। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रो में शादी विवाह का आयोजन बड़ी संख्या में संपन्न होगा जिसे देखते हुए देवास जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह बागली अनुविभागीय अधिकारी आनंद मालवीय के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेलम बघेल के मार्गदर्शन में उदय नगर अनुविभाग में बाल विवाह रोकने हेतु विभिन्न स्तर पर प्रयास किया जाएगा इस कुरीती की रोकथाम के लिए तिथि के एक दिन पहले मंगलवार को तहसील कार्यालय उदय नगर में महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं तहसीलदार गौरव निरंकारी के निर्देश में महिला एवं बाल विकास सुपरवाइजर उषा पांडे, श्यामा भार्गव सरिता साहू ने क्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ,तथा रसोई बनाने वाले समूह प्रिंटिंग प्रेस वालों को विशेष रूप से निर्देशित किया, बाल विवाह करने पर और जानकारी होने के बावजूद नहीं बताने पर पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत संबंधित व्यक्ति को 2 वर्ष तक के कठोर कारावास या ₹1लाख रु तक का जुर्माना दोनों ही हो सकते हैं । यह अधिनियम के तहत यह अपराध संज्ञानात्मक एवं गैर जमानती होंगे किसी भी परिस्थिति में किसी भी ग्राम में कोई बाल विवाह ना हो इस हेतु आप सजग रहे और सूचना मिलने पर तत्काल वरिष्ठ कार्यालय का अवगत कराया जावे जिससे समुचित कार्रवाई संपन्न की जा सके इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता उपस्थित थी। जिन्हें बाल विवाह रोकने हेतु शपथ दिलाई गई।
