
सात वर्ष से लंबित मामले में हाईकोर्ट के निर्देश
जबलपुर। हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने विशेष न्यायाधीश सागर को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर छह माह के भीतर निर्णय लिया जाए। इसी के साथ याचिका का निराकरण कर दिया गया।
याचिकाकर्ता सागर निवासी हरिराम उर्फ रोहित व गोवर्धन की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी व अमित चौधरी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर शिकायत वर्ष-2017 से विशेष न्यायालय के समक्ष लंबित है। सात वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके मामले पर अंतिम रूप से निर्णय नहीं हो सका है। उनकी निजी भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। जिसकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद अदालत में परिवाद दायर किया गया। जिस पर सात साल बाद भी निर्णय प्रतीक्षित है। याचिकाकर्ताओं को भारत के संविधान के अनुच्छेद-21 के अंतर्गत शीघ्र सुनवाई का मौलिक अधिकार प्राप्त है। हाई कोर्ट से पर्यवेक्षी क्षेत्राधिकार की शक्ति का प्रयोग करते हुए ट्रायल कोर्ट को निर्देश जारी करने का अनुरोध है। न्यायालय ने तकों से सहमत होकर विशेष न्यायाधीश सागर को निर्देशित किया है हाईकोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने की तिथि से छह माह के भीतर याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर निर्णय लिया जाए।
