ग्वालियर: एक झोपड़ी में आग लगने से 5 साल की बच्ची जिंदा जल गई। हादसे के दौरान बच्ची अकेली थी। जब फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची झोपड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। अरविंद आदिवासी 5 साल की सुहानी को झोपड़ी में छोड़कर ईंट के भट्टे पर गया था। अरविंद और उसकी पत्नी ईंट भट्टे पर काम करते हैं। उस दिन पत्नी और छोटी बेटी भट्टे पर थे। अरविंद उन्हें लेने गया, उसी दौरान झोपड़ी में आग लग गई।
एसडीओपी जितेंद्र नगाइच, थाना प्रभारी बेलगड़ा अजय सिकरवार और तहसीलदार भीतरवार धीरज सिंह परिहार मौके पर पहुंचे। भितरवार से फायर ब्रिगेड भी आई, लेकिन झोपड़ी जल चुकी थी। एसडीओपी ने बताया कि बच्ची का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी। बच्ची के पिता अरविंद आदिवासी ने बताया, पत्नी से विवाद हुआ था। वह घर से चली गई थी। मैं भी उसके पीछे गया। घर का दरवाजा लगाकर गया था। छोटा भाई भट्टे से बुलाकर लाया। घर पहुंचे तो देखा सब कुछ खत्म हो चुका था। बच्ची घर में सो रही थी, उसकी मौत हो गई।
