
नयी दिल्ली 14 अप्रैल (वार्ता) पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि लश्करे लूट की लम्पट छूट पर सर्जिकल स्ट्राइक है वक़्फ़ संशोधन एक्ट।”
श्री नकवी ने आज यहां पत्रकारों द्वारा वक़्फ पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि ‘चोट लश्करे तबाही पर चीख़ लश्करे तुष्टीकरण’ की निकल रही है, जिनके लूट लाइसेंस की नाकेबंदी पर लूटसाहबों की लामबंदी इस बात का प्रमाण है कि वक़्फ सिस्टम की दाल में काला नहीं था बल्कि पूरी दाल ही काली हो गई थी। इस गन्दगी की सफाई में मुल्क और मज़हब की भलाई है।
श्री नकवी ने कहा कि वक़्फ़ सुधार क़ानून, आस्था के संरक्षण और व्यवस्था के सुधार का है, ये क़ानून किसी मज़हब का नहीं मुल्क का है, इससे ना धर्म को नुक़सान है ना धार्मिक स्थल को।
श्री नकवी ने कहा कि कुछ लोग भय-भ्रम के भंवरजाल से सीधे-साधे लोगों के कंधों पर बंदूक़ और कम्युनल कांस्प्रेसी का संदूक ले कर घूम रहें हैं। ऐसे भ्रम के गटर में भरोसे का शटर लगा कर साजिशी सिंडिकेट के साम्प्रदायिक संक्रमण का सफ़ाया करना होगा।
श्री नकवी ने कहा,“वक़्फ़ सुधार कानून लूट की लंका में कानून का डंका, वक़्फ सिस्टम के कन्फ्यूजन, कंट्राडिक्शन, कनफ्लिक्ट को करेक्ट कर, सुधार और सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा।”
श्री नकवी ने कहा कि वक़्फ संशोधन पर बहस के दौरान संसद में तर्कों, तथ्यों की कंगाली से जूझ रहे लोग सड़क पर मवाली जैसे व्यवहार में जुटकर, संवैधानिक सुधार पर सांप्रदायिक वार कर रहे हैं।
