शहर की सड़कों पर बाइकर्स का आतंक लगातार जारी
जबलपुर: जोरदार ब्लास्ट के साथ फायरिंग जैसी आवाज के साथ बेखौफ होकर शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में चल रहे बुलेट वाहन ट्रैफिक पुलिस के साथ आरटीओ विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को मुंह सा चिढ़ाने लगे हैं। नतीजा ये है कि सड़क पर अपनी धुन में चल रहे आम नागरिक एकदम से जब उनके बाजू में बुलेट वाहन के साइलेंसर शॉर्ट करके फायरिंग की आवाज से चौंक रहे हैं। इतना ही नहीं बाइकर्स द्वारा देर रात तक शहर की कई गली-मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर हुड़दंग मचाई जा रही है।
लोगों का कहना है कि इस तरह के वाहनों में से ये खतरनाक आवाज जितने वाहन चालक निकालते हैं उनको चिन्हित करके जिम्मेदार विभागों द्वारा सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जिससे उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। जानकारों की माने तो परिवहन विभाग द्वारा ऐसे वाहनों को चिन्हित करके उनके चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करना चाहिए और यातायात पुलिस द्वारा ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन इन दिनों दोनों विभागों द्वारा इस तरह की कोई राहत भरी कार्रवाई नहीं की जा रही है जिसका आलम है कि शहर की सड़कों पर बाइकर्स का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जानकारों का तो ये भी कहना है कि अगर किसी हार्ट के मरीज के बाजू में किसी वाहन चालक ने ये आवाज वाहन का साईलेंसर शॉर्ट करके निकाल दी तो सदमे में उसकी जान तक जा सकती है।
मैकेनिक लेते हैं अच्छी खासी रकम
जानकारी के अनुसार शहर के मोटर मैकेनिक बुलेट वाहन चालकों के कहे अनुसार उनके वाहनों में कानफोड़ू साइलेंसर लगाने का काम करते हैं जिसके एवज में मैकेनिक द्वारा युवा वर्ग से अच्छी खासी रकम भी ली जाती है और फिर शहर की सड़कों में शुरू हो जाता है बुलेट वाहनों के साइलेंसर से फायरिंग जैसी आवाज निकालकर लोगों को डराने का खेल….
ट्रैफिक पुलिस के पास रटा हुआ एक ही जवाब
ट्रैफिक विभाग के आला अधिकारियों से जब भी इस परेशानी की समस्या का निदान का पूछा जाता है तो उनके पास सिर्फ एक ही हमेशा जवाब रहता है कि पुलिस सड़कों पर तैनात रहती है और समय समय पर ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन वाल ये खड़ा हो रहा है जब कार्रवाई की जाती है तो फिर कानफाडू साइलेंसर वाली बुलेट्स वाहनों की संख्या सड़कों पर लगातार क्यों बढ़ रही है। मतलब साफ है कि ऐसे वाहन चालकों को यातायात पुलिस की किसी भी प्रकाी की कोई कार्रवाई का भय नहीं है।
इन जगहों पर अधिक रहता है आतंक
–लिंक रोड पर।
–ब्लूम चौक से मदनमहल चौक तक।
-रामपुर से गौरीघाट तक के बीच में।
–मालवीय चौक से फुहारा तक के बीच में।
–सदर की सड़कों पर।
–कटंगा-बंदरिया तिराहा रोड पर।
–उखरी से लेकर दीनदयाल चौक तक के बीच की सड़क पर।
