भोपाल। कांग्रेस जिलास्तर पर बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी कर रही है. आधे जि़ला अध्यक्षों को बदलने की तैयारी है.लंबे समय से पद पर रहे और कमजोर प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्षों को हटाया जाएगा। इस बदलाव में ऐसे जिलाध्यक्ष हटेंगे, जो कई सालों से पद पर हैं या जिनके क्षेत्र में कांग्रेस चुनावों में कमजोर प्रदर्शन करती रही है। सूत्रों की मानें तो 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद इसकी घोषणा संभव है।
इधर,ग्वालियर शहर अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और उज्जैन ग्रामीण अध्यक्ष कमल पटेल के अलावा शहडोल जिलाध्यक्ष सुभाष गुप्ता 2018 से पद पर हैं। वही सतना के शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद लगभग 12 साल से तो ग्रामीण अध्यक्ष दिलीप मिश्रा 10 साल से पद पर हैं। नीमच अध्यक्ष अनिल चौरसिया 7 साल से तो विश्वनाथ ओकटे 4 सालों से पद पर हैं। खंडवा, रायसेन जैसे कई जिलों में कई साल से जिलाध्यक्ष नहीं हैं। उधर राहुल गांधी के साथ हाल की चर्चा में जिलाध्यक्षों ने नियुक्तियों और टिकट की प्रक्रिया में अधिकार मांगे थे। राहुल ने कहा था उन्हें पार्षद से लेकर लोकसभा में टिकट प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव बनेगा। लेकिन उन्हें पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।
