72 लाख खर्च कर आईडीए ने लौटाया बावड़ी का मूल स्वरूप
इंदौर: आईडीए ने ग्राम कनाडिया में ढ़ाई सौ साल पुरानी बावड़ी का जीर्णोद्धार किया है. इस पर आईडीए को 72 लाख खर्च आया है. उक्त बावड़ी आईडीए की टीपीएस 05 योजना में सड़क निर्माण के दौरान मिली थी. उक्त बावड़ी जीर्णोद्धार का लोकार्पण करने मुख्यमंत्री आएंगे.आईडीए योजना टीपीएस 05 का विकास कर रहा था. इसके लिए कनाडिया गांव में 12 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण भी शुरू कर चुका था. सड़क खुदाई के दौरान बावड़ी का अस्तित्व दिखा. आईडीए ने खुदाई कर बावड़ी को जिंदा करने का प्रस्ताव कर विकास शुरू किया. आज बावड़ी जीर्णोद्धार का काम लगभग पूरा हो चुका है.
बताया जाता है कि उक्त बावड़ी अहिल्या बाई होलकर ने कनाडिया से गुजरने वाले राहगीरों की पानी की व्यवस्था के लिए बनवाई थी. उक्त बावड़ी को पूरी तरह बंद कर कचरा स्थल में तब्दील कर दिया था. आईडीए को सड़क खुदाई के दौरान बावड़ी का पता लगा. इसके बाद आईडीए ने बावड़ी का अस्तित्व लौटने के लिए टेंडर कर जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया. बावड़ी के कारण आईडीए ने सड़क अलॉयनमेंट भी बदला है. आज कनाडिया गांव की उक्त बावड़ी अपने पुराने स्वरूप में लौट आई है. बावड़ी जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लोकार्पण करने आने वाले है.
बावड़ी की जानकारी
– 250 साल पुरानी बावड़ी
– 9.5 मीटर चौड़ी, 40 मीटर लंबी और 14 मीटर गहरी
– 16 लाख 50 लीटर पानी की क्षमता ( 1.6 एमएलडी)
– 125 ट्रक मलबा निकाला
– 72 लाख रुपए से पुराना अस्तित्व लौटा, पहला चरण
– दूसरे चरण में 25 लाख खर्च कर गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव
