
उज्जैन। गुरुवार को नगर निगम की डाक वितरित करने वाले कर्मचारी ने जहर खाकर जान दे दी । नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार डाक बांटने की जिम्मेदारी संभालने वाले गिरधारी कहार की आज इलाज के दौरान मौत हो गई। कहार ने जहर गटक लिया था, इसकी जानकारी जब पुलिस को मिली तो पूरा मामला संज्ञान में लिया मर्ग कायम करने के बाद में डेड बॉडी जिला अस्पताल पहुंचाई ,जहां पर उनका पोस्टमार्टम किया गया, हालांकि रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा की मौत का कारण क्या रहा।
नगर निगम के व्हाट्सएप ग्रुप पर व सोशल मीडिया पर गिरधारी कहार की मौत का समाचार चलता रहा, कर्मचारी और स्नेहीजन ,परिजन श्रद्धांजलि देते रहे ,कई लोगों ने यह भी बताया कि उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक है, बावजूद इसके कइयो ने जहर खाने की बात भी स्वीकार की ।कुल मिलाकर नगर निगम के गलियारों में जुए की लत, कर्ज का मर्ज और ब्याजखोरो द्वारा प्रताड़ित करने का घटनाक्रम दबी जुबान में चला। बताया जाता है कि कई कर्मचारियों के परिजनों को भी यह जानकारी नहीं है कि नगर निगम में नौकरी के अलावा कुछ कर्मचारी जुएं सट्टे की लत लगा बैठे हैं, जिससे उनका परिवार परेशान हो रहा है ,बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है ,बुजुर्गों की दवाइयां, कर्मचारी समय पर नहीं ला पा रहे हैं, ऐसे में कई परिवार बिखरने की कगार पर पहुंच गए है।
जहर के पीछे जानकारी मिली की वह बेहद तनाव में थे और कर्ज से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या करने जैसा खौफनाक कदम उठाया। वे नरसिंह घाट के आसपास निवास करते थे। बताया जा रहा है कि नगर निगम के दर्जनों कर्मचारियों को ब्याजखोरों ने जुए की लत लगा दी है। यही नहीं ब्याज माफिया कर्मचारियों को मोटी रकम 10 से 20 प्रतिशत पर ब्याज पर देते थे। जिसकी वजह से कर्मचारियों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है।
