नयी दिल्ली 31 मार्च (वार्ता) ईसाइयों के प्रमुख संगठन कैथोलिक बिशप्स कान्फ्रेंस आफ इंडिया (सीबीसीआई) ने वक्फ संशोधन विधेयक का सोमवार को समर्थन किया और यह भी मांग की है कि केरल में मुनम्बम क्षेत्र की सैकड़ों आवासीय संपत्तियों को वक्फ़ दावे से मुक्ति दिलाई जाए।
सीबीसीआई ने कहा कि यह एक वास्तविकता है कि मौजूदा केंद्रीय वक्फ अधिनियम के कुछ प्रावधान संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ असंगत हैं। केरल में वक्फ बोर्ड ने मुनंबम क्षेत्र में 600 से अधिक परिवारों की पैतृक आवासीय संपत्तियों को वक्फ भूमि घोषित करने के लिए इन प्रावधानों का प्रयोग किया है। पिछले तीन वर्षों में, यह मुद्दा एक जटिल कानूनी विवाद में बढ़ गया है। तथ्य यह है कि केवल एक कानूनी संशोधन एक स्थायी समाधान प्रदान कर सकता है, और इसे लोगों के प्रतिनिधियों द्वारा मान्यता दी जानी चाहिए।
सीबीसीआई ने कहा कि वह वक्फ संशोधन विधेयक संसद में पेश होने के साथ ही सीबीसीआई राजनीतिक दलों और विधायकों से इस मुद्दे पर निष्पक्ष और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करता है।
भूमि का सही स्वामित्व मुनम्बम के लोगों को पूरी तरह से बहाल किया जाना चाहिए। भारतीय संविधान के सिद्धांतों का खंडन करने वाले किसी भी प्रावधान या कानून में संशोधन किया जाना चाहिए। साथ ही, संविधान द्वारा गारंटीकृत धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।