जबलपुर: जबलपुर में औद्योगिक कॉरिडोर बनने से रोजगार के नये अवसर तो सृजित होंगे ही वहीं आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। नये उद्योगों की स्थापना के साथ बुनियादी ढांचे का भी विकास होगा और जबलपुर की नई उज्ज्वल छवि उभरकर सामने आयेगी। जबलपुर में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी काफी लाभ होगा जिससे वे अपने उत्पादों को सुविधापूर्वक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा सकते हैं। यह बातें जबलपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद आशीष दुबे ने जबलपुर को केंद्र में रखते हुये एक नये औद्योगिक कॉरिडोर (गलियारे) की स्थापना का आग्रह करते हुए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से कहीं।
इसके साथ ही नई दिल्ली में कुमारस्वामी से भेंट के दौरान सांसद आशीष दुबे ने केंद्रीय मंत्री को इस आशय का मांग पत्र भी सौंपा।सांसद दुबे ने केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी से कहा कि औद्योगिक कॉरिडोर बनने से नये उद्योगों की स्थापना के कारण उद्योगों की संख्या बढ़ेगी और इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा। औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा जिसका किसानों सहित उद्योगपतियों, युवाओं और संसदीय क्षेत्र के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण से पर्यावरण भी संरक्षित होता है जिसका फायदा भी जबलपुर को मिलेगा।
विकास होगा तीव्र
मांगपत्र में सांसद श्री दुबे ने देश के कुछ अन्य औद्योगिक कॉरिडोरों का उल्लेख करते हुये कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, चेन्नई-बेंगलुरू औद्योगिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर, विशापट्टनम-चेन्नई औद्योगिक कॉरिडोर, हैदराबाद-नागपुर ऑद्योगिक कॉरिडोर, दिल्ली-नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर सहित अन्य औद्योगिक कॉरिडोर देश के विभिन्न राज्यों में फैले हुये हैं जिससे इन औद्योगिक कॉरिडोरों की सीमा में आने वाले क्षेत्रों का औद्योगिक विकास तीव्र गति से हुआ है। अगर जबलपुर को केंद्र में रखकर नया औद्योगिक कॉरिडोर बनाया जाता है तो जबलपुर और उससे लगी सीमा में आने वाले क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना होगी और जबलपुर नगर सहित समूचे जबलपुर संसदीय क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी जिससे आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
तथ्यों का अवलोकन कर शीघ्र लेंगे निर्णय
सांसद श्री दुबे ने कहा कि जबलपुर संभाग के देवतुल्य नागरिकों सहित पूरे क्षेत्र के हित में यह औद्योगिक कॉरिडोर बनाया जाना आवश्यक है। सांसद श्री दुबे को केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आश्वस्त करते हुये कहा कि वे इस संबंध में सभी तथ्यों का अवलोकन कर शीघ्र ही उचित निर्णय लेंगे।