भोपाल, 29 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि राजधानी भोपाल का महत्व कुछ समय पहले यहां आयोजित “ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट” के बाद बढ़ गया है।
डॉ यादव यहां देर शाम कवि सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ ही विरासत को महत्वपूर्ण मानती है। इस नाते भोपाल के गौरवशाली इतिहास का स्मरण आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने “विक्रम संवत 2082” प्रारंभ होने पर समस्त नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने न्याय, वीरता और सुशासन के आयाम स्थापित किए। ऐसा ही उनके शासनकाल के 1000 वर्ष पश्चात राजा भोज ने भी किया। राजा भोज ने सुशासन और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने घोषणा की कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज के नाम पर राजधानी भोपाल में दो द्वार बनाए जाएंगे। भोपाल से इंदौर की ओर जाने वाले मार्ग पर “सम्राट विक्रमादित्य मार्ग” और भोपाल से भोजपुर की दिशा में “राजा भोज द्वार” का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कवि सम्मेलन में देशभर से पधारे कवियों का स्वागत किया। उन्होंने इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख संतों का भी मंच पर सम्मान किया। डॉ यादव ने सम्राट विक्रमादित्य द्वारा सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया। साथ ही विक्रम संवत प्रणाली और भारतीय काल गणना पद्धति की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ यादव का विशाल पुष्प हार से स्वागत किया गया। कार्यक्रम को स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी संबोधित किया। इस बीच कवि सम्मेलन देर रात तक चला।
