
सागर। नगर निगम परिषद का साधारण सम्मेलन निगमाध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने बजट प्रस्तुत करते हुये कहा कि जनहित को दृष्टिगत रखते हुये वित्तीय वर्ष 2025-26 में आय 5 अरब 77 करोड 57 लाख 75 हजार एवं व्यय 5 अरब 78 करोड़ 38 लाख 40 हजार तथा घाटा 80 लाख 65 हजार रूपये का है। उन्होने कहा कि नगर के सर्वागीण विकास, सौन्दर्यीकरण एवं जनहित को दृष्टिगत रखते हुये विभिन्न कार्यो एवं योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु विभिन्न प्रावधान किये गये है।
महापौर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनहित को दृष्टिगत रखते हुये बजट घाटे का अवष्य है परंतु घाटे की भरपाई व्यवसायिक काम्पलेक्स, संपत्तिकर, जलकर, कचरा एवं सीवर उपभोक्ता प्रभार शुल्क एवं अन्य करों से राजस्व में वृध्दि कर पूर्ति कर ली जावेगी।
निगमाध्यक्ष वृन्द्रावन अहिरवार ने कहा कि महापौर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 प्रस्तुत किया है। अगर कोई पार्षद निगम की आय की दृष्टि से सुझाव देना चाहता है तो दे सकतें है।
पार्षद एवं सचेतक शैलेन्द्र ठाकुर ने कहा कि महापौर द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते हुये लोक लुहावना बजट प्रस्तुत किया है।
पार्षद अनूप उर्मिल, धर्मेन्द्र खटीक, राजकुमार पटैल, मेघा दुबे, रानी अहिरवार, रूबी पटैल, याकृति जड़िया, सविता साहू, सूरज घोषी, अनीता रामू ठेकेदार,डाली सोनी, नीरज कोरी ने बजट को जनता के हित में बताते हुये स्वीकृत करने की सहमति प्रदान की।
विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि मैं, बहुत अच्छे बजट के लिये नगर निगम को बधाई देता हूं, उन्होने कहा कि संस्थायें प्रजातांत्रिक पद्वति से चलती है, इसमें शून्यकाल प्रश्नकाल के लिये समय निश्चित करना चाहिये जिससे सभी के प्रश्न आ जायेंगे, तथा बजट तैयार करते समय व्यापारियों, नौकरी पेशा एवं शहर के बुध्दिजीवियों के सुझाव लेना चाहिये। यह व्यवस्था हम बना पायेंगे तो बेहतर व्यवस्था होगी।
निगमाध्यक्ष ने सभी पार्षदों के सुझाव एवं चर्चा उपरांत वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को सर्वसम्मति से पारित करने की स्वीकृति प्रदान की।
