भोपाल।मध्य भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक का संघकार्य बढ़ रहा है. बेंगलुरु में आयोजित संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में देश के संघकार्य का खाका तैयार किया किया गया है. इसके साथ ही समाजिक चेतना और जागरूकता को लेकर भी संघ के कार्यकर्ता लोगों के बीच जायेंगे.
प्रान्त संघसंचालक अशोक पांडेय ने प्रेसवार्ता में लिए गए निर्णयों पर जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखकर कार्यकर्ताओं ने मंडल और बस्ती तक संघकार्य को पहुँचाने के प्रयास किए हैं. वर्तमान समय में मध्यभारत प्रान्त में संघ की रचना से महानगरीय एवं ग्रामीण जिलों के 2129 स्थानों पर 3384 शाखाएं चल रही हैं। जिनमें महानगर में 37 स्थानों पर 490 शाखाएं एवं ग्रामीण जिलों में 2092 स्थानों पर 2894 शाखाएं चल रही हैं। इसके साथ ही 617 स्थानों पर 849 साप्ताहिक मिलन के रूप में संघकार्य चल रहा है।
मंडल तक कार्य विस्तार का लक्ष्य
संघ संचालक ने बताया कि सभी बस्ती और मंडल तक संघ के कार्यविस्तार का लक्ष्य है। इसके अलावा स्वयंसेवकों द्वारा समाज के साथ मिलकर सेवा बस्तियों में सेवाकार्य भी चलाये जा रहे हैं। वर्तमान में शाखाओं द्वारा 213 सेवा उपक्रम किए जा रहे हैं। संघ ने जिन बस्तियों को सेवा बस्ती के रूप में चिह्नित किया है, ऐसी 715 सेवा बस्तियों में से 232 में शाखाएं चल रही हैं, 445 बस्तियों में सेवा कार्यों का संचालन किया जा रहा है और 380 सेवा बस्तियों में स्वयंसेवकों का नियमित संपर्क है।
बांग्लादेश में हिंसा पर भी प्रस्ताव पारित
अशोक पांडेय ने बताया कि संघकार्य की समझ बढ़ाने एवं कार्यकताओं के व्यक्तित्व विकास की दृष्टि से संघ प्रतिवर्ष संघशिक्षा वर्गों को आयोजन करता है। तीन दिवस के 144 प्रारंभिक वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें 8332 स्वयंसेवक शामिल हुए। 7 दिवस की अवधि के 44 प्राथमिक वर्गों में 3571 स्वयंसेवक शामिल हुए। इसी तरह, 15 दिन के संघ शिक्षा वर्ग 1178, कार्यकर्ता विकास वर्ग-1 में 230 और कार्यकर्ता विकास वर्ग-2 में 35 स्वयंसेवकों ने संघकार्य का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके साथ ही शताब्दी वर्ष पर विजयादशमी उत्सव, व्यापक गृह संपर्क, हिन्दू सम्मेलन, सद्भाव बैठक, नागरिक गोष्ठी, युवाओं से संवाद, अहिल्याबाई होलकर जयंती वर्ष योजना पर रुपरेखा तैयार की गई है. इस दौरान बांग्लादेश में हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा पर भी प्रस्ताव पारित किया गया है.