
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में जल सरंक्षण पर कार्यशाला आयोजित हुए. भू- विज्ञान विभाग में जल सरंक्षण जागरूकता प्रशिक्षण को लेकर इस दौरान चर्चा की गई. कार्यशाला का उद्देश्य जल संरक्षण और ग्लेशियर जल प्रबंधन के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना रहा. कार्यशाला एवं जागरूकता प्रशिक्षण में मुख्य अतिथि भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सेवानिवृत्त डायरेक्टर डॉ. रवि सिन्हा ने कहा कि ग्लेशियरों का पिघलना गंभीर पर्यावरण संकट का संकेत है. कार्यशाला की संयोजक और भू- विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. विनीशा सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में दुनिया में जल संकट विकराल होता जा रहा है. ग्लेशियर पिघल रहे हैं ,जिससे जल संकट गहरा रहा है. अगर हम जल को लेकर आज नहीं चेते तो कल कितने संकट आएंगे , उसकी भयावह तस्वीरें आना शुरू हो गईं हैं. इसलिए आज जल के साथ ग्लेशियर सरंक्षण कर पर्यावरण भी बचाएं.
