
भोपाल: मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फेसबुक पर अपने प्रांत के लोगों को संबोधित पोस्ट में निवेश और रोजगार के संबंध में विधानसभा में आई जानकारी का उल्लेख करते हुए यह बताने का प्रयास किया है। दावों और हकीकत में क्या अंतर है । उन्होंने पोस्ट में लिखा कि दो साल पहले इंदौर में हुई ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 281 उद्योग ऐसे थे, जिन्हें 77 लाख वर्गमीटर जमीन का आवंटित की गई, लेकिन उन्होंने काम ही शुरू नहीं किया! जिन उद्योगों के पास पहले से जमीन थी, इंदौर में उन्हें दोबारा जमीन दे दी गई!
उधर,मार्च 2024 में उज्जैन में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हुई, जिसमें 26 निवेश प्रस्ताव आए, लेकिन इनमें से 16 निवेशक जनवरी 2023 में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट इंदौर में भी थे!जबकि इंदौर में निवेशकों ने 9 संभागों में उद्योग लगाने के लिए सरकार ने जमीन तो आवंटित कर दी, लेकिन 77, 81, 483 वर्ग मीटर जमीन पर अब तक काम का अता-पता नहीं है!
हालांकि निवेश तो हुआ नहीं लेकिन सरकारी खर्च का हाल देखिए! इस समिट में 15 करोड़ 65 लाख रुपए का भुगतान राज्य सरकार की ओर से सीआईआई के लिए किया गया!जबकि उज्जैन कॉन्क्लेव के लिए भी 5 करोड़ 47 लाख रुपए अग्रिम दिए गए थे! सरकारी खर्च की लग्जरी देखिए! मुख्यमंत्री के गृह नगर में प्रत्येक व्यक्ति को 250 रुपए की चाय पिलाई गई!
