कोलकाता, (वार्ता) राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने पेपल के साथ हाथ मिलाकर भारत के युवाओं, खासकर कम आय वाले परिवारों की महिलाओं, को कौशल विकास के जरिए सशक्त बनाने की पहल शुरू की है।
इस साझेदारी का लक्ष्य बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र में उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान करना है। पेपाल के सीएसआर कार्यक्रम के तहत दोनों संगठनों ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसे शुक्रवार को एनएसडीसी के उपाध्यक्ष डॉ. ऋषिकेश पाटनकर और पेपाल के वैश्विक मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी श्रीनि वेंकटेशन ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में औपचारिक रूप दिया।
इस एमओयू का मुख्य मकसद हजारों युवाओं का आर्थिक सशक्तिकरण है, जिसमें महिलाओं पर खास फोकस है। प्रशिक्षण में कौशल उन्नयन, सॉफ्ट स्किल्स और व्यक्तित्व विकास शामिल होगा ताकि उम्मीदवार नौकरी के लिए तैयार हो सकें और आजीविका के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
डॉ. ऋषिकेश पाटनकर ने कहा, “एनएसडीसी का मिशन युवाओं को रोजगार योग्य कौशल से लैस करना है। यह साझेदारी भारत के युवाओं और महिलाओं को देश के विकास में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वित्तीय क्षेत्र में उद्योग-विशिष्ट कौशल देकर हम उनके लिए करियर और उद्यमशीलता के नए रास्ते खोल रहे हैं।”
पेपल इंडिया ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर के उपाध्यक्ष चंद्रमौलीस्वरन ने कहा, “एनएसडीसी के साथ यह सहयोग हमें रोमांचित करता है क्योंकि यह केंद्र सरकार के ‘कौशल भारत’ विजन को मजबूत करता है। हम युवाओं और महिलाओं को मूल्यवान कौशल देकर आर्थिक अवसरों के दरवाजे खोल रहे हैं ताकि वे भारत की विकास गाथा का हिस्सा बन सकें।”
