चेन्नई (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के अन्नामलाई और वरिष्ठ नेता तथा तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को सोमवार को शहर में प्रस्तावित आंदोलन से पहले गिरफ्तार कर लिया गया।
भाजपा के नेता व कार्यकर्ता राज्य के स्वामित्व वाली तस्माक में हुए सौदों से संबंधित तीन दिवसीय छापेमारी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उजागर किए गए 1,000 करोड़ रुपये के घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे।
गिरफ्तार किए गए लोगों में भाजपा की कई महिला सदस्य भी शामिल हैं।
शहर में टीएएसएमएसी मुख्यालय के सामने योजनाबद्ध विरोध प्रदर्शन से पहले, जिस पर ईडी ने भी छापा मारा था, चेन्नई पुलिस की एक टीम ने श्री अन्नामलाई को अक्कराई में उनके घर के पास रोक लिया।
बाद में श्री अन्नामलाई को तब हिरासत में ले लिया गया जब वह एग्मोर इलाके में विरोध स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जहां तस्माक मुख्यालय स्थित है।
पुलिस ने सुश्री सुंदरराजन को भी उस समय गिरफ्तार किया जब वह विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए सालिग्रामम स्थित अपने घर से निकलने वाली थीं। चूंकि बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उनके घर के सामने एकत्र हुए थे, इसलिए पुलिस ने घर की घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में ले लिया।
सुश्री सुंदरराजन और भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किए जाने के समय भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की के कारण कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
भाजपा विधायक वनथी श्रीनिवासन, जो भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष हैं, और सरस्वती को भी राज्य सचिवालय के पास उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह आज राज्य विधानसभा की प्रारंभिक कार्यवाही में भाग लेने के बाद विरोध प्रदर्शन के लिए निकलने वाली थीं। शहर के विभिन्न हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ताओं को विरोध स्थल की ओर बढ़ने से रोकने के लिए गिरफ्तार किया गया।
भाजपा नेता अन्नामलाई, सुंदरराजन और अन्य वरिष्ठ ने ताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया और सत्तारूढ़ द्रमुक के खिलाफ नारे लगाए। बाद में, एक्स पर एक पोस्ट में श्री अन्नामलाई ने गिरफ्तारी की निंदा की।
उन्होंने कहा,“क्या इसलिए कि हमने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध की घोषणा की और विरोध की तारीख पहले ही घोषित कर दी, इसलिए आप (सरकार) इस तरह की कायरतापूर्ण कार्रवाई करने में सक्षम हैं? अगर हम एक दिन बिना तारीख की घोषणा किए विरोध प्रदर्शन आयोजित करते हैं, तो आप क्या कर सकते हैं?”
वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने भी भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की और द्रमुक सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया।
पीएमके, टीएमसी और एएमएमके के नेताओं ने भी विरोध प्रदर्शन से पहले ही भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की।
पीएमके अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. अंबुमणि ने भी जानना चाहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से द्रमुक सरकार और पुलिस क्यों डरती है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या तमिलनाडु में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की भी अनुमति नहीं है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अंबुमणि ने कहा कि अगर द्रमुक ने कोई अनियमितता नहीं की है, तो उसे इस तरह की दमनकारी हरकतें बंद कर देनी चाहिए और तस्माक घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए।
