शाजापुर: आपदा प्रबंधन में गांव-गांव में बने सिविल वॉलेन्टियर्स का महत्वपूर्ण योगदान होता है. यह बात कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने मंगलवार को जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला में कही.कलेक्टर ने कहा कि गांवों के सिविल वॉलेन्टियर्स, मैदानी शासकीय सेवकों एवं कार्यकर्ताओं का आपदा के समय प्रथम रिस्पांस मिलता है. इसलिए मैदानी सिविल वॉलेन्टियर्स, शासकीय सेवकों एवं कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण अत्यावश्यक है.
प्रशिक्षण में उपस्थित हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े सिविल वॉलेन्टियर्स को भी कलेक्टर ने शुभकामनाएं एवं बधाई दी. एसडीआरएफ एवं होमगार्ड की टीम अपनी जान जोखिम में डालकर आपदा प्रबंधन कर लोगों की सुरक्षा का काम करते हैं. उनका यह कार्य सराहनीय है और वे बधाई के पात्र हैं. अग्नि दुर्घटनाएं अक्सर हो जाती है, जिसमें ज्यादातर गैस सिलेण्डर में आग लगने जैसी दुर्घटनाएं होती हैं. इस प्रकार की आपदा से बचाव के लिए बड़े स्तर पर प्रशिक्षण की आवश्यकता है. इसी तरह औद्योगिक आपदा प्रबंधन के लिए भी प्रशिक्षण की जरूरत है.
