जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एके सिंह की एकलपीठ ने पूर्व में पारित आदेश का परिपालन करने अंतिम अवसर प्रदान किया है। एकलपीठ ने तीन समाप्त का समय प्रदान करते हुए कहा है कि निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं करते हुए टेक्निकल एजुकेशन विभाग के एडीशनल चीफ सेक्रेटरी और डायरेक्टर अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें।
याचिकाकर्ता खंडवा निवासी कमला बाई बावने की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उसके पति छोगालाल वावने पॉलिटेक्निक कॉलेज में कार्यभारित स्थापना के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में पदस्थ थे। शासन की पॉलिसी के तहत उन्हें 10 वर्ष की सेवा के उपरांत प्रथम समयमान वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए था। हाईकोर्ट ने जुलाई 2023 में सरकार को आदेशित किया था कि छोगालाल सहित अन्य को 90 दिन के भीतर उक्त लाभ प्रदान किये जाये।
इस बीच छोगालाल की मृत्यु हो गई। आदेष का पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ता की तरफ से फरवरी 2024 में अवमानना याचिका दायर की। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि एक वर्ष का समय बीतने के बावजूद सरकार की तरफ से पालन प्रतिवेदन पेश नहीं किया गया। जिसके गंभीरता से लेते हुए एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये।