नयी दिल्ली,27 फरवरी (वार्ता) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए संविधान में संशोधन करने की आवश्यकता पर बल देते हुए गुरुवार को कहा कि इसके लिए पूरे देश में एक जनांदोलन होना चाहिए।
श्री चौहान ने भोपाल के एक निजी शिक्षण संस्थान में छात्रों को संबोधित करते हुए आज कहा कि देश में12 महीने चुनाव की तैयारियां जरूर चलती है। कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं। ये बार-बार होने वाले चुनाव देश की प्रगति और विकास में बाधा है। इसलिए संविधान में संशोधन कर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होने चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं को एक राष्ट्र-एक चुनाव के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा,“ स्टूडेंट फॉर वन नेशन, वन इलेक्शन एक फोरम बनें, और इस फोरम को स्टूडेंट्स खुद बनाएं। एक राष्ट्र, एक चुनाव, एक जन-अभियान बनें, एक आंदोलन बनें और इस अभियान की अगुवाई छात्र करें।”
एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देश में एक इसके समर्थन में एक अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और विकास में बार-बार होने वाले चुनाव को बाधा नहीं बन चाहिए। इसलिए देश में एक बार और एक साथ चुनाव होने चाहिए। अब समय आ गया है कि देश में विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ कराए जाएं।
श्री चौहान ने कहा कि, वर्ष 1967 में भी देश में एक साथ चुनाव होते थे। तत्कालीन केंद्र सरकार ने राज्यों में दूसरे दलों की सरकार बनने पर अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग करके विधान सभाएं भंग करना शुरू कर दिया और तब से एक साथ चुनाव बंद हो गए। लोकसभा और विधानसभा के चुनाव अलग-अलग होने लगे।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश के चुनाव आयोग ने वर्ष 1983 में कहा कि देश में एक बार, एक साथ चुनाव होना चाहिए। फिर वर्ष 1999 में विधि आयोग ने भी देश में एक साथ चुनाव कराने पर बल दिया। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। उस समिति ने विचार विमर्श किया और रिपोर्ट के आधार पर 87 प्रतिशत लोगों ने कहा कि देश में एक साथ चुनाव होना चाहिए।

