उज्जैन का कचनारिया बनेगा एमपी की शान

6 हजार करोड़ का होगा इस गांव में निवेश
300 हेक्टेयर जमीन पर उद्योग पुरी लेगी आकार
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से उज्जैन को लगेंगे विकास के पंख

उज्जैन:बेरोजगारी का दंश झेलने वाले उज्जैन जिले में जिस तेजी से उद्योग आकार ले रहे हैं, उससे न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन बढ़ेंगे, बल्कि पूरे प्रदेश की आर्थिक उन्नति होगी. बाहर से भी लोग यहां नौकरी करने पहुंचेंगे. अकेले उज्जैन की तहसील महिदपुर के गांव कचनारिया की तकदीर और तस्वीर बदलने वाली है. 150 हेक्टेयर जमीन हिमाद्री ग्रुप ढूंढ रहा है और 150 हेक्टेयर जमीन एमपीआईडीसी ने भी चयनित की है.

नवभारत से चर्चा में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 30,लाख 77 हजार करोड़ के निवेश की संभावनाएं जागी है और एमओयू साइन हो गए हैं जल्द ही सारे प्रोजेक्ट धरातल पर उतरेंगे.

कचनारिया गांव देश के नक्शे पर आएगा
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जितने निवेशक देश-विदेश से आए हैं, उन्होंने मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अपने उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन की मांग की है. इसी श्रंखला में एक फैक्ट्री नहीं बल्कि एक उद्योग पुरी ही उज्जैन की तहसील महिदपुर के इस गांव कचनारिया में खुलेगी.

हिमाद्री ग्रुप ने कराया सर्वे
नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार हिमाद्री केमिकल्स ने महिदपुर के गांव कचनारिया में जमीन का सर्वे कराया है, लगभग 150 हेक्टेयर जमीन उद्योगपुरी की स्थापना के लिए इसी एक ग्रुप को चाहिए होगी. यहां पर उद्योगपुरी स्थापित होने से उज्जैन शहर से लेकर आसपास की सभी तहसीलों के बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त होगा.

केमिकल्स का होगा निर्माण
जिस प्रकार महिदपुर के कचनारिया गांव में हिमाद्री केमिकल्स ग्रुप आ रहा है ऐसे में बड़ी संख्या में अलग-अलग तरह के केमिकल्स बनाए जाएंगे, जिसमें महिला, पुरुष और युवाओं को नौकरी दी जाएगी. जमीन का चयन होने के बाद में निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा और बड़े पदों के लिए इंटरव्यू के माध्यम से कर्मचारियों का चयन किया जाएगा.

अब गांव भी होंगे प्रदेश की पहचान
एक दौर था जब गांव छोड़कर लोग शहरों की ओर भाग रहे थे, अब एक बार फिर गांव की ओर न सिर्फ सामान्य जनसमुदाय के लोग मुखातिब हो रहे हैं बल्कि बड़ी-बड़ी कंपनियां और विदेशी निवेशक भी गांव की तरफ अपना रुझान कर रहे हैं. गांव में सस्ती जमीन मिलने के साथ ही मूलभूत सुविधाएं आसानी से जुटाए जा सकती है. सड़क पानी बिजली व अन्य सुविधा इंफ्रास्ट्रख्र के लिए कंपनियों को अपने हिसाब से आसानी से प्राप्त हो रही है.

यह सारे गांव उज्जैन की पहचान
उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में सैकड़ो कंपनियां आकर ले रही है जिसमें माधौपुर, नरवर, गावड़ी, मुंजाखेड़ी, चैनपुर हंसखेड़ी, कड़छा, पिपलोदा द्वारकाधीश के 570 किसानों की 464.458 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही. मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी निवेशक राजेश राठौड़ ने नवभारत को जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में अभी और जमीन ली जा रही है जिसमें नए निवेशक आएंगे। बड़नगर में सीमेंट फैक्ट्री भी खुलने वाली है.

मेडिकल डिवाइस पार्क भी खास
विक्रम उद्योगपुरी की 145.75 हेक्टेयर भूमि पर मेडिकल डिवाइस पार्क आकार ले रहा है. गांव कचनारिया में नई उद्योग पुरी बनने के साथ ही मेडिकल डिवाइस पार्क भी जब आकर ले लेगा तो उज्जैन की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी यह दोनों सौगात उज्जैन को मध्य प्रदेश के नक्शे पर स्थापित कर देगा.

इनका कहना है
ग्लोबल सबमिट के शुभारंभ अवसर से लेकर समापन तक सैकड़ो निवेशकों ने मध्य प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए मन बनाया है। 30 लाख 77 हजार करोड रुपए के एमओयू पर साइन हुए हैं, जल्द ही यह प्रोजेक्ट धरातल पर उतरेंगे ,उज्जैन के कचनारिया गांव में हिमाद्री ग्रुप आएगा. जमीन का चयन किया जा रहा है. यहां उद्योगपुरी बनेगी. 150 हेक्टेयर जमीन एमपी आईडीसी भी इस क्षेत्र में चयनित कर रहा है.
– राजेश राठौर, कार्यकारी निदेशक, एमपीआईडीसी

Next Post

बिजली चोरी की सूचना पर मिलेगा पारितोषिक

Wed Feb 26 , 2025
Facebook Share on X LinkedIn WhatsApp Email Copy Link

You May Like

मनोरंजन