
नवभारत न्यूज
रीवा, 24 फरवरी, ज्योति किंडर गार्डेन स्कूल में पढऩे वाले पांच वर्ष के मासूम से जुड़े मामले में आखिरकार जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. 18 जनवरी की घटना के बाद विरोध हुआ था और भाजपा नेता गौरव तिवारी ने पूरे मामले की शिकायत मानवाधिकार से की थी.
इसी मामले में समन जारी कर मानवाधिकार ने कलेक्टर-एसपी को 28 फरवरी को आयोग के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा था. आयोग का डंडा पडऩे के बाद आनन-फानन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई. उल्लेखनीय है कि स्कूल में पढऩे वाले मासूम छात्र के साथ र्दुव्यवहार किया गया था. मासूम से पकड़े धुलाए गए थे और ठंड में उसे खड़ा कराया गया. विरोध में परिजन एवं जागरूक लोगो ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही को लेकर विरोध भी किया था, लेकिन कोई कार्यवाही नही की गई थी. भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी. शिकायत के बाद भी किसी तरह की कार्यवाही जब नही हुई और 17 फरवरी तक जवाब देने के लिये कलेक्टर-एसपी को नोटिस दी गई थी. बाद में समन जारी कर 28 फरवरी को कलेक्टर एसपी को तलब किया गया. आयोग के सख्त रवैये के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई. भाजपा नेता गौरव तिवारी शिकायत के बाद ड़टे रहे. तमाम दबाव के बावजूद पीछे नही हटे, लिहाजा उनकी मेहनत रंग लाई. उधर स्कूल प्रबंधन ने आया की समाप्त कर दी है तो वही शिक्षिका को 6 माह के लिये निलंबित किया है. प्रकरण दर्ज होने के बाद खलबली मची हुई है.
एक माह बाद दर्ज हुई एफआईआर
बतादें कि घटनाक्रम 28 जनवरी का है, स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मानवाधिकार आयोग में शिकायत की गई और सीएसपी शिवाली चतुर्वेदी ने जांच की. जांच उपरांत विश्वविद्यालय थाना में क्लास टीचर उर्वरी महिन्द्रा, स्कूल की आया विद्यावती काछी सहित प्राचार्य/प्रबंधक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आरोपी बनाया गया है. किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 एवं बीएनएस की धारा 238 के तहत अपराध कायम किया गया है. सीएसपी ने बताया कि जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है, पूरे मामले की विवेचना चल रही है.
कार्यवाही स्वागत योग्य: राजेन्द्र सिंह
स्कूल प्रबंधन के खिलाफ की गई कार्यवाही का शिक्षक संघ म.प्र के प्रान्तीय उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ने स्वागत किया है और कहा कि पांच साल के मासूम छात्र के साथ क्रूरता व्यवहार किये जाने पर दोषियो के खिलाफ कार्यवाही का निर्णय स्वागत योग्य है. साथ ही अपेक्षा की है कि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाओं की पुर्नवृत्ति न हो, इस पर प्रशासन नजर रखे.
