
नवभारत
बागली। नगर के प्राचीन शिव मंदिर के वरिष्ठ पुजारी ओंकार गीर महाराज का 97 वर्ष की आयु में अल्प बीमारी के बाद निज आवास बागली में सोमवार को निधन हो गया। ब्रह्मलीन महंत ओंकार गीर महाराज बागली में रियासत कालीन शिव मंदिर के तीसरी पीढ़ी के पुजारी रहे। संत परंपरा अनुसार महंत ओंकार गीर महाराज की पार्थिव मिट्टी का डोल निकाल कर मंदिर के समीप समाधि स्थल पर दस नामी जूना अखाड़ा शिव संप्रदाय परंपरा अनुसार गावित्री समाधि मंत्र के साथ समाधि दी जाएगी। उनके पुत्र मुकेश गोस्वामी पोत्र मृत्युंजय गोस्वामी आशुतोष गोस्वामी भतीजे महेश गोस्वामी सहित अन्य परिजन अंतिम समय में उनके साथ रहे विद्वान पंडितों के अनुसार एकादशी तिथि पर शरीर छोड़ना पुण्य आत्मा की निशानी है। उनके निधन पर क्षेत्र के समस्त पुजारी और गोस्वामी योगी बैरागी सहित अन्य विद्वान पुजारी ने दुख जताते हुए। दिवंगत आत्मा को ईश्वर के चरणो में स्थान देने की कामना की। परिजनों के अनुसार सोमवार को दोपहर 3 बजे परंपरा अनुसार समाधि संस्कार पूर्ण हुआ।
