ग्राम सूतारो की बड़ी में जर्जर हुआ प्राथमिक स्कूल भवन

5 वर्षों से खुले आसमान के नीचे पढऩे को मजबूर बच्चे

सिंगोली। एक तरफ मध्यप्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने का वादा कर रही है। वहीं दूसरी तरफ नीमच जिले में सिंगोली तहसील की बड़ी पंचायत के गांव सुतारो की बड़ी में शासकीय प्राथमिक स्कूल की खस्ताहालत की तस्वीरें शिक्षा विभाग की सुविधाओं पर सवाल खड़े कर रही हैं। जर्जर स्कूल भवन से जहां बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल भवन की हालत इतनी खस्ता है कि बारिश के मौसम में छत से पानी कमरों में टपकता है। जिससे विद्यालय में अध्यनरत छात्रों के साथ-साथ अध्यापन कार्य करवा रहे स्टाफ को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि स्कूल की पूरी बिल्डिंग ही जर्जर हो चुकी है जिसकी वजह से छात्र खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

5 सालों से जर्जर अवस्था में है स्कूल

ग्रामीणों सहित स्कूल स्टॉफ की मानें तो स्कूल की बिल्डिंग पिछले 5 सालों से जर्जर अवस्था में है। स्कूल की बिल्डिंग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उप यंत्री द्वारा जोखिम भरा घोषित होने के बाद शिक्षकों ने बच्चों को खुले में पढ़ाना शुरू कर दिया है। हालात ये हैं कि बारिश के मौसम में बच्चों को गांव के करीबी डोम में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। जबकि गर्मी और सर्दी में उन्हें खुले आसमान के नीचे बैठना पड़ता है।

जर्जर हालत में है बिल्डिंग जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

स्कूल की हालत देखकर बच्चों के अभिभावक अब अपने बच्चों को पढऩे भेजने से कतराने लगे हैं। इसके बाद भी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। फिलहाल वे सिर्फ आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।

स्कूल में पदस्थ शिक्षक रामचंद्र रैगर एवं गोपाल रैगर ने पत्रकारों को बताया कि स्कूल भवन की छत जर्जर हो चुकी है। इस बारे में डाइस के माध्यम से अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन फिर भी कोई पहल नहीं की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों को स्कूल के सामने खुले आसमान के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।

सालों पुराना भवन, हादसों को दे रहा न्योता

इस बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी साल पहले बने स्कूल की छत बेहद जर्जर हो चुकी है। इस कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। छत का प्लास्टर निकल गया है और भवन के अंदर कमरों में सीमेंट के टुकड़े गिरते हैं। छत और दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। यहां बच्चों को भेजना खतरे से खाली नहीं है। स्कूल की हालत इतनी खराब है कि शिक्षक बाहर कक्षाएं लगाते हैं। प्राथमिक विद्यालय होने के कारण यहां छोटे बच्चे ही आते हैं।

 

इनका कहना है…

इस भवन की राशि स्वीकृति हो चुकी है जल्दी ही संकुल के बैंक खाते में राशि भेजकर बिल्डिंग का कार्य करवाया जाएगा.

– सुजानमल माँगरिया जिलां शिक्षा अधिकारी नीमच

Next Post

जाजू सागर बांध डूब क्षेत्र में अवैध खेती व पानी चोरी पर प्रसाशन ने की बड़ी कार्यवाही,जप्त किये गए पानी चोरी के उपकरण

Sat Feb 22 , 2025
नीमच। नगरपालिका नीमच के आधिपत्य वाले नीमच शहर की जल व्यवस्था के प्रमुख स्त्रोत जाजू सागर बांध के डूब क्षेत्र से पानी चोरी की शिकायत पर शनिवार को प्रशासन टीम द्वारा एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया गया है। यहां बांध से खेती की सिंचाई के लिए अवैध रूप से […]

You May Like